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महिला क्रिकेटरों ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप
Updated Wed, 12 Jun 2013 04:41 PM IST
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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) एक क्षेत्रीय क्रिकेट क्लब की महिला खिलाड़ियों की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच कर रहा है।
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मुल्तान क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के अधिकारियों ने इन आरोपों का खंडन करते हुए महिला खिलाड़ियों के व्यवहार को संदिग्ध और अनुशासन तोड़ने वाला बताया है।
अधिकारियों का कहना है कि पीसीबी के तीन अधिकारियों की एक टीम मुल्तान में इस मामले की सुनवाई कर रही है। वह बुधवार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
अभी यह साफ़ नहीं हुआ है कि पीसीबी इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करेगा या नहीं।
बड़ी समस्या
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि खेलों में महिलाओं का यौन उत्पीड़न एक आम बात है लेकिन इनकी शिकायत कभी कभार ही की जाती है।
एमसीसी से जुड़ी चार महिला खिलाड़ियों ने शुक्रवार को एक टीवी कार्यक्रम के दौरान ये आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि क्लब के चेयरमैन और टीम के एक चयनकर्ता ने उनसे क्षेत्रीय टीम में चुनने या राष्ट्रीय टीम के लिए नाम प्रस्तावित करने के बदले में यौन संबंध बनाने की मांग की थी।
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इस टीवी शो में एमसीसी के चेयरमैन मौलवी सुल्तान आलम और चयनकर्ता मोहम्मद जावेद भी भाग ले रहे थे। दोनों ने ही इन आरोपों से इनकार किया।
सीमा जावेद नाम की एक खिलाड़ी ने बताया कि एक बार 70 साल के आलम उनके पास आए और कहा कि वह एक दूसरी खिलाड़ी किरन से उन्हें एक चुंबन देने को कहे, इसके बदले में वे उन्हें अंडर-19 प्रतियोगिता में खेलने देंगे।
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उन्होंने कहा कि प्रबंधकों के साथ दोस्ताना संबंधों के लिए राज़ी होने वाली खिलाड़ियों को ही एमसीसी में आगे बढ़ाया जाता है।
सावधान रहने की सलाह
सीमा ने कहा, ''कुछ साल पहले जब मैंने एमसीसी ज्वाइन किया तो एक वरिष्ठ खिलाड़ी नादिया हुसैन ने उन्हें क्लब के अधिकारियों से सावधान रहने को कहा था।''
नादिया का कहना था कि पहले वे आपको राष्ट्रीय टीम में भेजने का वादा करते हैं और बाद में वे आपको बेडरूम में ले जाते हैं।
लेकिन मोहम्मद जावेद ने इन आरोपों से इनकार करते हुए इन खिलाड़ियों पर ही आरोप जड़ दिए और उनके व्यवहार पर ही सवालिया निशान लगा दिए।
उन्होंने पुलिस के कुछ कागजात दिखाए, जिनके मुताबिक़ कुछ समय पहले एक दूसरी खिलाड़ी के गायब होने के मामले में सीमा जावेद का नाम सामने आया था। इसकी वजह से उनपर क्लब से खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
उन्होंने बताया कि सीमा को खेलने की इजाजत तभी दी गई, जब गायब हुई लड़की मिल गई। मोहम्मद जावेद ने किरन इरशाद पर मुल्तान में लड़कियों के एक कॉलेज में चोरी छिपे शराब ले जाने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि किरन वहां खेल प्रतियोगिता के सिलसिले में गई थीं। उन्होंने कहा कि किरन के उस कॉलेज में जाने पर अभी भी प्रतिबंध लगा हुआ है।
बड़ी बाधा
शराब को ग़ैर इस्लामिक माना जाता है और उस पर पाकिस्तान में प्रतिबंध है। पीसीबी के अधिकारी शकील ख़ान ने बीबीसी से कहा कि जो आरोप लगाए गए हैं वे एमसीसी की महिला खिलाड़ियों के दो गुटों की आंतरिक राजनीति का परिणाम है।
उन्होंने कहा, ''दोनों गुटों को जांच समिति ने सुनवाई में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है।'' पीसीबी के अधिकारियों का कहना है कि इन खिलाड़ियों ने उनके पास शिकायत दर्ज कराने की बजाए सार्वजनिक रूप से आरोप लगाकर अनुशासन तोड़ा है।
मुल्तान में मौज़ूद पाकिस्तान के सबसे बड़े उर्दू अख़बार जंग के खेल संवाददाता मोहम्मद नदीम कैसर ने बीबीसी से कहा कि दोनों तरफ की बातों में कुछ सच्चाई है।
उन्होंने कहा,'' यहां खेलों में महिला खिलाड़ियों का बड़े पैमाने पर यौन शोषण होता है। इसी वजह से अच्छी प्रतिभाएं सामने नहीं आ पाती हैं।''
उन्होंने कहा, ''इसका एक प्रभाव यह होता है कि यौन संबंध बनाने वाली दोयम दर्जे की खिलाड़ियों को कई बार अच्छी जगह दे दी जाती है।''