पाकिस्तान के नए सेना प्रमुख के बारे में 10 अहम बातें
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पाकिस्तान के नए सेनाध्यक्ष ने कार्यभार संभाल लिया है। पाकिस्तानी सेना को कट्टरपंथ को भारत से भी ज्यादा बड़ा खतरा मानने वाले ले.जनरल कमर जावेद बाजवा के रूप में 16वें सेना प्रमुख मिल गए हैं। उन्होंने जनरल राहिल शरीफ की जगह ली है। जनरल राहिल 29 नवंबर को रिटायर हो गए हैं। ले.जनरल कमर जावेद बाजवा को चार वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों में से चुना गया है। आइए जानते हैं क्या हैं ले.जनरल कमर जावेद बाजवा के सामने चुनौतियां।
पाकिस्तान के पास दुनिया की छठी सबसे बड़ी सेना है जिसमे 5 से 6 लाख के बीच सैनिक हैं।
जनरल बाजवा उसी बलोच रेजिमेंट से आते हैं जिसने पाकिस्तान को तीन सेना प्रमुख पहले दिए हैं। इनमें यायहा खान, जनरल असलम बेग,जनरल कयानी शामिल रहे हैं।
इस वक्त वह इंस्पेक्टर जनरल ट्रेनिंग ऐंड एवेल्यूएशन (GHQ) तौर पर पदस्थ हैं।
जनरल बाजवा की कश्मीर और उत्तरी क्षेत्र में काफी दिलचस्पी रही है। हालांकि वे ये जरूर कहते हैं कि कट्टरपंथी पाकिस्तान के लिए भारत से बड़ा खतरा है।
जनरल बाजवा ने संयुक्त राष्ट्र के कांगों मिशन में ब्रिगेड कमांडर के तौर पर काम कर चुके हैं।
10 अहम बातें
इस मिशन में वह पूर्व भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल बिकरम सिंह के साथ काम कर चुके हैं। जनरल बिकरम सिंह वहां डिविजन कमांडर के तौर पर तैनात थे।
जनरल बाजवा को कश्मीर में जारी हालात में अहम भूमिका निभाने का भी श्रेय दिया जाता है। बाजवा लाइन ऑफ कंट्रोल की रक्षा करने वाली सेना की 10वीं कमांड में को संभाल चुके हैं।
गौरतलब है कि 10वीं कमांड पाकिस्तानी सेना की सबसे बड़ी कमांड है और भारत को जोड़ने वाली एलओसी पर कमांड मतलब कश्मीर में घुसपैठ कराने का पूरा श्रेय इन्हीं को जाता है।
उनके साथ काम कर चुके एक सैना अधिकारी ने बताया किया स्वभाव से ले.जनरल कमर जावेद बाजवा बहुत ही सरल व्यक्ति हैं और प्रोटोकॉल को बहुत ज्यादा फॉलो करने में जोर नहीं देते हैं।