'भारत की वजह से चरमपंथियों पर कार्यवाही मुश्किल'
अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने भारत के चलते अफगानिस्तान में होने वाली परेशानियों पर खुलकर बात की।
उन्होंने वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों से बताया कि भारत की वजह से उन्हें अफगानिस्तान की सीमा पर चरमपंथियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में परेशानियां आ रही हैं।
वाशिंगटन में एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि राहील शरीफ ने अमेरिकी अधिकारियों से कहा है कि पाकिस्तान ने पश्चिमी सीमा पर एक लाख चालीस हज़ार सैनिक तैनात कर रखे हैं और उन्हें ये भरोसा दिलाया गया था कि भारतीय सीमा पर शांति बनी रहेगी।
उस अधिकारी का कहना था, "राहील शरीफ ने अमेरिकी से कहा है कि भारत की तरफ से जिस तरह की सख्त कार्रवाई हो रही है और जिस तरह के बयान आ रहे हैं वो अफगानिस्तान में हमारी मुहिम पर असर डाल रहे हैं।"
अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों से मिलेंगे राहील
हालांकि इस शिकायत पर अमेरिकी प्रतिक्रिया के बारे में कुछ नहीं पता चल पाया है, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि अमरीका अब भारत-पाकिस्तान के मामलों में मध्यस्थता करने से दूर रहता है।
राहील शरीफ बुधवार को अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों से मुलाकात कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि वो कांग्रेस के सामने उत्तरी वजीरिस्तान में चरमपंथियों के खिलाफ हुई कार्रवाई का ब्यौरा पेश करेंगे।
इसके अलावा शरीफ अफगानिस्तान से अमरीकी फौज की वापसी के बाद अमरीका-पाकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी पर भी बात करेंगे।
विश्लेषकों का कहना है कि वो उत्तरी वजीरिस्तान में हुई कार्रवाई को एक मिसाल की तरह पेश करेंगे और अमरीका से पाकिस्तान को मिलने वाली फौजी मदद जारी रखने की मांग करेंगे।