फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan ›   conflict on sex education issue in pakistan

सेक्स एजुकेशन को लेकर फिर बवाल

Thu, 06 Feb 2014 04:42 PM IST
अंबर शम्सी/बीबीसी संवाददाता, इस्लामाबाद
अंबर शम्सी/बीबीसी संवाददाता, इस्लामाबाद Updated Thu, 06 Feb 2014 04:42 PM IST
विज्ञापन
conflict on sex education issue in pakistan

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हाल ही में एक निजी स्कूल में पढ़ाई जाने वाली किताब से प्रजनन, सेक्स और शारीरिक बदलावों से जुड़े एक अध्याय को निकाल दिया गया है।

विज्ञापन


सरकार के इस क़दम से पाकिस्तान में एक बार फिर ये बहस तेज़ हो गई है कि बच्चों को किस उम्र से और किस तरह सेक्स एजूकेशन यानी यौन शिक्षा दी जानी चाहिए।

दरअसल एक टीवी चैनल के एंकर ने एक स्कूल को निशाना बनाते हुए कहा कि वहां छठी कक्षा की किताबों में बच्चों को प्रजनन के बारे में बताया जा रहा है।पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग ने इसका संज्ञान लेते हुए एक कमेटी बना दी।
विज्ञापन


पंजाब के शिक्षा मंत्री राना मशहूद ने बीबीसी को बताया कि अभिभावकों की शिकायत की वजह से उन्होंने छठी कक्षा की जीव विज्ञान की किताब से प्रजजन संबंधी अध्याय को निकलवा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा, “बच्चों को इस बारे में जागरूक ज़रूर किया जाना चाहिए लेकिन पंजाब सरकार और मशहूर शिक्षाविदों का विचार है कि इतनी कम उम्र के बच्चों को इतना ज़्यादा विस्तार से बताने पर उन पर इसका गलत असर पड़ेगा।”

उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद सभी निजी स्कूलों की किताबों से इस अध्याय को निकाल दिया गया है।

जागरूकता की कमी
पूर्व सांसद और सामाजिक कार्यकर्ता शहजाद वज़ीर अली का कहना है कि पाठ्यक्रम की निगरानी करना सरकार का अधिकार है, लेकिन इस बात में कोई शक नहीं है कि बच्चों को प्रजनन और उससे जुड़े स्वास्थय संबंधी विषयों के बारे में बताया जाना चाहिए।

वो कहते हैं, “इस पर समय-समय पर बहस होती है कि हमारे समाज और धर्म के हिसाब से पाठ्यक्रम में किस उम्र के बच्चों को ये बातें बताई जानी चाहिए। बाक़ी दुनिया में देखें तो समझा जाता है कि 15 और 16 साल के बच्चों को इस बारे में जरूर बताया जाना चाहिए।”

सिंध प्रांत में यौन संबंधी विषयों पर पिछले 16 वर्ष से काम कर रही नाज़ो पीरज़ादा कहती हैं कि इस बारे में पाकिस्तान में जागरूकता की बहुत कमी है।

उनका कहना है, “अंग्रेज़ी में तो हम कह देते हैं – सेक्स, सेक्स, सेक्स। लेकिन जब इस बात को अपनी ज़ुबान में कहते हैं तो लगता है कि कोई ग़लत बात कर रहे हैं।

लेकिन सेक्स या लिंग तो हमारी प्राकृतिक पहचान है। हम अपनी पहचान के बारे में क्यों बात नहीं करना चाहते हैं, इसकी हिफ़ाजत क्यों नहीं करना चाहते है।

रोज़न के मुताबिक हर महीने पूरे पाकिस्तान से चार सौ ज़्यादा लोग उन्हें अपनी समस्याओं के बारे में बताते हैं।

रोजन में बाल मनोविज्ञान की विशेषज्ञ रूही ग़नी बताती है कि यूथ हेल्पलाइन में ज़्यादातर 11 से 19 साल की उम्र के बीच के लोग अपनी समस्याएं उन्हें बताते हैं।

वो कहती हैं कि लड़कियों तो ऐसी बातों पर अपनी माँ से बात कर लेती हैं लेकिन लड़के ऐसा नहीं कर पाते हैं।

आयशा के दो लड़के स्कूल में पढ़ते हैं जिनमें से एक की उम्र 14 साल और दूसरे की 17 साल है। स्कूल में बच्चों को यौन शिक्षा दिए जाने पर वो कहती हैं कि ये काम प्रशिक्षित पेशेवर लोग ही कर सकते हैं।

वहीं पांच से दस साल के बच्चों की मां माहा कहती हैं कि अगर स्कूल में ये सब सिखाया जाएगा तो बच्चों में इस बारे में जिज्ञासा बढ़ेगी।

उनका कहना है, “अगर ये बातें बच्चों को कम उम्र में सिखाई जाएंगी तो डर है कि बच्चे इन बातों में ज़्यादा दिलचस्पी लेना शुरू कर देंगे, जबकि हो सकता है कि पहले उन्होंने इस बारे में कुछ सोचा भी न हो।”

यौन शोषण
उधर नाज़ो पीरजादा कहती हैं कि अपना शैक्षिक कार्यक्रम शुरू करने से पहले वो बच्चों के माता-पिता से बात करती हैं। इससे उन्हें पता चल जाता है कि माता-पिता को ख़ुद अपने बच्चों को सेक्स और शारीरिक बदलावों के बारे में बताना मुश्किल लगता है।


सेक्स को पाकिस्तान में गंदा और अश्लील शब्द माना जाता है, इसलिए इन गिने-चुने संगठनों पर आरोप लगाया जाता है कि वो बच्चों को गुमराह कर रहे हैं।

बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था 'स्पार्क' के अनुसार साल 2012 में तीन हज़ार आठ सौ बच्चे यौन शोषण का शिकार हुए।

चाहे माता-पिता की ज़िम्मेदारी हो या स्कूल की, लेकिन अगर इस बच्चों को अपने अधिकारों और अपनी सुरक्षा करने के बारे में जागरूक किया गया होता तो ये आंकड़ा कहीं कम होता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed