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पाक में शियाओं पर हमला, अनेक हताहत
Updated Mon, 26 Nov 2012 01:21 PM IST
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पाकिस्तान में लगातार दूसरे दिन हुए एक बम धमाके में कम से कम पाँच लोगों की मौत हो गई है और 80 लोग घायल हो गए हैं।
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ये धमाका तब हुआ जब पाकिस्तान के उत्तर पश्चिम इलाके में शिया समुदाय के लोग जुलूस में हिस्सा ले रहे थे।
डेरा इस्माईल खान में लगातार दूसरे दिन होने वाला ये दूसरा बड़ा धमाका है। तालिबान ने हमले की ज़िम्मेदारी ली है।
इससे पहले शनिवार को भी सड़क किनारे हुए एक बम धमाके में आठ लोगों की मौत हो गई थी जिसमें सात बच्चे शामिल थे।
इस हमले में मारे जाने वाले सुन्नी समुदाय के सदस्य थे।
सुन्नी मुसलमानों का गढ़
डेरा इस्माईल ख़ान कट्टर सुन्नी मुस्लिम चरमपंथ का गढ़ माना जाता है। ये चरमपंथी शियाओं को गै़र मुसलमान मानते हैं।
एक चश्मदीद के अनुसार रविवार को किया गया धमाका एक भीड़भाड़ वाले बाज़ार के पास हुआ जहां से श्रद्धालु गुज़र रहे थे।
जबकि इससे पहले हुए हमले में मरने वालों में बच्चे भी शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार इस हमले में 40 लोग घायल भी हुए थे जिनमें फौज के भी कुछ सदस्य शामिल थे।
टेलीविज़न पर दिखाई गई तस्वीरों में घायलों को अस्पताल ले जाते हुए दिखाया गया है। एक डॉक्टर को ये कहते हुए सुना गया कि हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
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शनिवार को हुए हमले के शिकार लोगों में ज्य़ादातर सुन्नी थे। तालिबान के एक प्रवक्ता ने हमले की ज़िम्मेदारी भी ली थी लेकिन रविवार को एक अन्य तालिबानी ने इससे इंकार कर दिया।
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बीबीसी की इसलामाबाद संवाददाता ऑर्ला ग्वेरिन के अनुसार मुहर्रम के पाक महीने के अंत होने के साथ ही पाकिस्तान में हिंसक वारदातें होने की आशंका बढ़ गई है।
पाक महीना
मुहर्रम महीने की आखिरी दिनों को शिया मुसलमान अशूरा के रुप में मनाते हैं।
किसी भी तरह की हिंसक वारदात से बचने के लिए पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण इलाकों में हज़ारों पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं।
ऐसा सुन्नी चरमपंथियों के हमलों की धमकी देने के बाद किया गया है।
अशूरा के दौरान शिया मुसलमान जुलूस निकालते हैं और पैगंबर मोहम्मद के पोते ईमाम हुसैन की मौत का ग़म मनाते हैं।
इससे पहले पाकिस्तान में इस तरह के संभावित हमलों को ध्यान में रखकर मोबाइल फोन सेवा पर रोक लगा दी गई थी।
हालांकि पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार उत्तरपश्चिम इलाके ख़ैबर पख़तुनख्वाह़ और पेशावर समेत कई शहरों में मोबाइल सेवा चालू है।