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जैश समेत प्रतिबंधित संगठनों को उच्च जोखिम श्रेणी में रखेगा पाकिस्तान
Sun, 10 Mar 2019 02:55 AM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Sun, 10 Mar 2019 02:55 AM IST
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आर्थिक प्रतिबंधों से बचने और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की सिफारिशों को लागू करने के लिए पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद समेत प्रतिबंधित संगठनों को उच्च जोखिम वाली श्रेणी में रखने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार इन प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू करेगी। एफएटीएफ दुनिया में आतंकवादी फंडिंग पर नजर रखने वाली एक संस्था है। भारत यह चाहता है कि पाकिस्तान को एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट में रखा जाए। एफएटीएफ ने पाकिस्तान द्वारा इन संगठनों को ‘कम’ से ‘मध्यम’ जोखिम मानने पर एतराज जताया था।
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एफएटीएफ ने कहा था कि पाकिस्तान ने अलकायदा, जैश, हक्कानी नेटवर्क, फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन, लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा के अलावा तालिबान से जुड़े लोगों की ओर से उत्पन्न वित्तपोषण जोखिमों की उचित समझ प्रदर्शित नहीं की। अंग्रेजी अखबार डॉन के मुताबिक, अब सरकार ने इन प्रतिबंधित संगठनों को उच्च जोखिम वाली श्रेणी में रखने का फैसला किया है। प्रतिबंधित संगठनों की कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था के सभी स्तरों पर जांच की जाएगी।
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इतना ही नहीं, इनके बैंक खातों के अलावा इन्हें मिलने वाले फंड की भी जांच की जाएगी। एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान सरकार ने यह कदम पिछले महीने पेरिस में एफएटीएफ की बैठक के बाद उठाया है। बैठक में पाकिस्तान के वित्त सचिव आरिफ अहमद खान ने भी शिरकत की थी। इसी के बाद 21 फरवरी को जमात-उद-दावा और उससे जुड़े फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर बैन लगाया गया था।
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चार दिन पहले पाकिस्तानी वित्त सचिव खान ने चेतावनी दी थी कियदि एफएटीएफ के सख्त आर्थिक प्रतिबंधों से बचना है तो पाक को जल्द ही आतंकी संगठनों के खिलाफ कुछ सख्त कदम उठाने होंगे। उनका यह बयान ऐसे समय आया था जब एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर नहीं किया था। बैठक में भारत ने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डालने की पुरजोर वकालत की थी।