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अमेरिका में पाक अल्पसंख्यकों और जनजातियों ने किया इमरान खान का विरोध
Thu, 25 Jul 2019 02:17 AM IST
Avdhesh Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 25 Jul 2019 02:17 AM IST
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Imran Khan
- फोटो : a
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पहली दफा अमेरिका के दौरे पर पहुंचे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को अपने ही देश के जनजातीय व धार्मिक अल्पसंख्यकों का विरोध सहना पड़ा। मोहाजिर, बलूच व अन्य समूहों ने ट्रंप प्रशासन का ध्यान पाक में मानवाधिकार हनन और सेना द्वारा लोगों को जबरन लापता किए जाने की ओर दिलाया। उनका आरोप था कि पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसी अल्पसंख्यकों के मानवाधिकार उल्लंघन में शामिल है।
अमेरिका में रहने वाले बलूच, पश्तून, सिंधी, बाल्टिस्तानी, सरायकी व मोहाजिर समुदाय के लोगों ने वाइट हाउस, यूएस कैपिटल (कांग्रेस भवन) और यूएस शांति संस्थान के समक्ष रैलियां निकालीं। मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट द्वारा विभिन्न समूहों को साथ लाया गया। इमरान खान के भाषण के दौरान पाकिस्तान विरोधी नारे भी लगे। अमेरिकी सरकार से राजनीति बंदियों व सांसदों अली वजीर और मोहसिन दावर को पाकिस्तानी सेना से छुड़ाने की मांग की गई।
मोहाजिर और बलूच
- 1947 में भारत-पाक बंटवारे के बाद भारत से पाक गए नागरिकों को मोहाजिर यानी शरणार्थी कहा गया। उन्हें सिंध के करांची, हैदराबाद, मीरपुरखास और सुक्कर में बसा कर मुख्यधारा वाले पंजाब से दूर रखा गया।
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- पाक के दक्षिण-पश्चिम में बलूचिस्तान प्रांत में जनजातीयों के मानवाधिकारों का उल्लंघन पाकिस्तानी सेना और आईएसआई करती है। विरोध करने पर युवाओं को मार दिया जाता है या सेना के लोग उठा ले जाते हैं, फिर से कभी नहीं लौटते।
इमरान ‘बिना दाढ़ी का तालिबानी’ : पाक विपक्ष
अपने घर में भी इमरान का विरोध जारी है। पाकिस्तानी विपक्ष ने बुधवार को उन्हें झूठा, आतंकियों का वकील और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आंखों की धूल झोंकने वाला कहा। पाकिस्तानी पीपल्स पार्टी की महासचिव नफीसा शाह ने उन्हें ‘बिना दाढ़ी का तालिबानी’ बताया। पाकिस्तानी मुस्लिम लीग नवाज के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ ने कहा कि इमरान तानाशाही सोच रखते हैं, वे प्रेस को नियंत्रित करने की बात करते हैं और पीएम पद के अयोग्य हैं।
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अमेरिका में रहने वाले बलूच, पश्तून, सिंधी, बाल्टिस्तानी, सरायकी व मोहाजिर समुदाय के लोगों ने वाइट हाउस, यूएस कैपिटल (कांग्रेस भवन) और यूएस शांति संस्थान के समक्ष रैलियां निकालीं। मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट द्वारा विभिन्न समूहों को साथ लाया गया। इमरान खान के भाषण के दौरान पाकिस्तान विरोधी नारे भी लगे। अमेरिकी सरकार से राजनीति बंदियों व सांसदों अली वजीर और मोहसिन दावर को पाकिस्तानी सेना से छुड़ाने की मांग की गई।
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मोहाजिर और बलूच
- 1947 में भारत-पाक बंटवारे के बाद भारत से पाक गए नागरिकों को मोहाजिर यानी शरणार्थी कहा गया। उन्हें सिंध के करांची, हैदराबाद, मीरपुरखास और सुक्कर में बसा कर मुख्यधारा वाले पंजाब से दूर रखा गया।
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- पाक के दक्षिण-पश्चिम में बलूचिस्तान प्रांत में जनजातीयों के मानवाधिकारों का उल्लंघन पाकिस्तानी सेना और आईएसआई करती है। विरोध करने पर युवाओं को मार दिया जाता है या सेना के लोग उठा ले जाते हैं, फिर से कभी नहीं लौटते।
इमरान ‘बिना दाढ़ी का तालिबानी’ : पाक विपक्ष
अपने घर में भी इमरान का विरोध जारी है। पाकिस्तानी विपक्ष ने बुधवार को उन्हें झूठा, आतंकियों का वकील और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आंखों की धूल झोंकने वाला कहा। पाकिस्तानी पीपल्स पार्टी की महासचिव नफीसा शाह ने उन्हें ‘बिना दाढ़ी का तालिबानी’ बताया। पाकिस्तानी मुस्लिम लीग नवाज के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ ने कहा कि इमरान तानाशाही सोच रखते हैं, वे प्रेस को नियंत्रित करने की बात करते हैं और पीएम पद के अयोग्य हैं।