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पाकिस्तान: खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने दिलीप कुमार और राज कपूर के पैतृक घरों को खरीदने की मंजूरी दी
Wed, 02 Jun 2021 12:37 AM IST
Kuldeep Singh
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेशावर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेशावर
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 02 Jun 2021 12:37 AM IST
सार
- हवेलियों को खरीदकर संग्रहालय में किया जाएगा तब्दील
- 2014 में तत्कालीन नवाज शरीफ सरकार ने इन्हें राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था।
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पेशावर में राज कपूर और दिलीप कुमार की हवेली
- फोटो : बीबीसी
विस्तार
पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने मंगलवार को बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार और राज कपूर के पेशावर स्थित पैतृक घरों को खरीदने की मंजूरी प्रदान कर दी जिन्हें संग्रहालय में तब्दील किया जाएगा।
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पेशावर के जिला आयुक्त कैप्टन (सेवानिवृत्त) खालिद महमूद ने अभिनेताओं के घरों के वर्तमान मालिकों की आपत्तियों को खारिज कर दिया और दोनों घरों को पुरातत्व विभाग को सौंपने के आदेश दिए।
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जिला आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, जमीन (दिलीप कुमार और राज कपूर के घर) अधिग्रहण करने वाले विभाग के नाम रहेगी यानी निदेशक पुरातत्व एवं संग्रहालय।
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राज कपूर के घर की कीमत डेढ़ करोड़ तय और दिलीप कुमार की हवेली 80 लाख रुपये की
खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने 6.25 मरला में बने राज कपूर के घर के लिए 1.50 करोड़ और चार मरला में निर्मित दिलीप कुमार की हवेली की कीमत 80 लाख रुपये तय की है। मरला भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में जमीन की पैमाइश का पुराना मापक है। एक मरला 272.25 वर्ग फुट के बराबर माना जाता है।
मालिक ने मांगे थे 20 करोड़
राज कपूर के घर के मौजूदा मालिक अली कादिर ने सरकार से 20 करोड़ तो दिलीप की हवेली के मालिक गुल रहमान मोहम्मद ने 3.50 करोड़ रुपये मांगे थे। राज कपूर का पैतृक निवास पेशावर के किस्सा ख्वानी बाजार में है, जिसे उनके दादा दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने वर्ष 1918 से 1922 के बीच कराया था। दिलीप का 100 साल पुराना पुश्तैनी मकान भी इसी इलाके में है।
इमारतों को तोड़कर मॉल बनाने की थी तैयारी
2014 में तत्कालीन नवाज शरीफ सरकार ने इन्हें राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था। इन दोनों ऐतिहासिक इमारतों के मालिकों ने कई बार इसे तोड़कर मॉल या प्लाजा बनाने की कोशिश की, लेकिन ऐसे सभी प्रयासों को रोक दिया गया क्योंकि पुरातत्व विभाग इनके ऐतिहासिक महत्व के कारण इन्हें संरक्षित करना चाहता था।