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पाकिस्तान: ऐतिहासिक गुरुद्वारा के हस्तांतरण पर फैसले के लिए बनाई संयुक्त समिति, 100 साल से भी अधिक पुरानी संपत्ति का है मामला
Wed, 02 Mar 2022 01:20 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, पेशावर।
एजेंसी, पेशावर।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 02 Mar 2022 01:20 AM IST
सार
19वीं शताब्दी की शुरुआत में निर्मित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे को वास्तुशिल्प की उत्कृष्ट कृति के रूप में जाना जाता है। फिलहाल इसमें एक सार्वजनिक पुस्तकालय है और इस पर 1999 से मनसेहरा के ‘टाउन म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन’ (टीएमए) का कब्जा है।
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इवेक्यूई प्रॉपर्टी ट्रस्ट बोर्ड
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पाकिस्तानी अधिकारियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 100 साल से भी ज्यादा पुराने एक गुरुद्वारे के उचित रखरखाव व संरक्षण के लिए उसे इवेक्यूई प्रॉपर्टी ट्रस्ट बोर्ड (ईपीटीबी) को हस्तांतरित करने के संबंध में फैसले के लिए एक संयुक्त समिति बनाई है। प्रांतीय सरकार द्वारा गठित समिति अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले मनसेहरा जिले के श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे का दौरा करेगी।
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19वीं शताब्दी की शुरुआत में निर्मित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे को वास्तुशिल्प की उत्कृष्ट कृति के रूप में जाना जाता है। फिलहाल इसमें एक सार्वजनिक पुस्तकालय है और इस पर 1999 से मनसेहरा के ‘टाउन म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन’ (टीएमए) का कब्जा है।
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ईपीटीबी अधिकारियों ने अब खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय सरकार से गुरुद्वारा को उचित संरक्षण के लिए बोर्ड को सौंपने की लिखित में मांग की है। ईपीटीबी एक वैधानिक बोर्ड है जो उन हिंदुओं और सिखों की धार्मिक संपत्तियों और तीर्थस्थलों का प्रबंधन करता है जो विभाजन के बाद भारत चले गए थे।
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