{"_id":"6313c434378de155646aca3b","slug":"pakistan-is-the-world-fourth-most-dangerous-country-for-women","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pakistan: महिलाओं के लिए दुनिया का चौथा सबसे खतरनाक देश है पाकिस्तान, कानून लागू करना दूर की कौड़ी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Pakistan: महिलाओं के लिए दुनिया का चौथा सबसे खतरनाक देश है पाकिस्तान, कानून लागू करना दूर की कौड़ी
Sun, 04 Sep 2022 02:46 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, इस्लामाबाद।
एजेंसी, इस्लामाबाद।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 04 Sep 2022 02:46 AM IST
सार
पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्रालय की 2017-18 की रिपोर्ट में बताया गया था कि 15 से 29 साल की 28 फीसदी महिलाओं ने शारीरिक हिंसा की शिकार होने की बात कही थी। हालांकि उनके खिलाफ हिंसा के ज्यादातर मामले दर्ज ही नहीं किए जाते, इसलिए हालात कहीं ज्यादा खराब हैं।
विज्ञापन
पाकिस्तान महिलाओं के लिए दुनिया का चौथा सबसे खतरनाक देश।
- फोटो : ANI (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान महिलाओं के लिए दुनिया का चौथा सबसे खतरनाक देश है। घर में पिटाई यहां आम है। पुरुष महिलाओं पर नियंत्रण के लिए इसका जमकर इस्तेमाल करते हैं। दुनिया न्यूज में मेहमिल खालिद ने बताया कि महिलाओं को सार्वजनिक रूप से परेशान करने, इज्जत के नाम पर मार देने जैसे अपराध बेखौफ किए जाते हैं। महिलाओं पर हिंसा को रोकने के लिए कानून तो बनाए गए हैं, लेकिन उन्हें लागू करना दूर की कौड़ी है।
विज्ञापन
पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्रालय की 2017-18 की रिपोर्ट में बताया गया था कि 15 से 29 साल की 28 फीसदी महिलाओं ने शारीरिक हिंसा की शिकार होने की बात कही थी। हालांकि उनके खिलाफ हिंसा के ज्यादातर मामले दर्ज ही नहीं किए जाते, इसलिए हालात कहीं ज्यादा खराब हैं।
विज्ञापन
मानवाधिकार निगरानी (एचआरडब्ल्यू) ने 2022 की वैश्विक महिला शांति और सुरक्षा रिपोर्ट में 170 देशों में पाकिस्तान को 167वें स्थान पर रखा है। इसके मुताबिक, महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ दुष्कर्म, हत्या, तेजाबी हमले, घरेलू हिंसा और जबरन शादी का पूरे पाकिस्तान में बोलबाला है। हर साल कथित इज्जत के नाम एक हजार महिलाएं मौत के घाट उतार दी जाती हैं। पिछले साल पाकिस्तान को वैश्विक लैंगिंक अंतर सूचकांक में 153वां स्थान मिला था।
विज्ञापन