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Pakistan: इमरान खान की पार्टी ने बताई पाकिस्तान की बदहाली की कहानी, गर्त में जा रही है अर्थव्यवस्था

Wed, 04 Jan 2023 03:21 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 04 Jan 2023 03:21 PM IST
सार

Pakistan: पीटीआई ने कहा कि सरकार के गलत कदमों के कारण कृषि क्षेत्र को भी नुकसान हुआ है। पार्टी ने दावा किया है कि शहबाज शरीफ सरकार नया कर्ज पाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की कठिन शर्तों को माने या नहीं, असल सूरत यह है कि देश में गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई की स्थिति का बिगड़ना तय है...

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Pakistan: Imran Khan party said country economy is going to worst
Pakistan: इमरान खान - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी- पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली का विवरण देश के सामने रखा है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार देश की अर्थव्यवस्था को गर्त में ले जा रही है। पीटीआई ने मंगलवार को पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के बारे में एक श्वेत पत्र देश के सामने रखा।

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श्वेत पत्र लाहौर में जारी किया गया। पर्यवेक्षकों के मुताबिक इसमें आधिकारिक आंकड़ों के जरिए देश में बढ़ती जा रही मुसीबत का ब्योरा पेश किया गया है। हालांकि पीटीआई का मकसद इसके जरिए मौजूदा पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) सरकार पर निशाना साधना है, लेकिन इससे देश की सही तस्वीर सामने आई है। पीडीएम सरकार के लिए श्वेत पत्र में दिए गए आंकड़ों का खंडन करना संभव नहीं है। इसीलिए सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने श्वेत पत्र से उभरी चिंताजनक तस्वीर का दोष पूर्व पीटीआई सरकार पर मढ़ने की रणनीति अपनाई है।

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श्वेत पत्र में दावा किया गया है कि पीडीएम सरकार के कार्यकाल के बीते आठ महीनों में देश में महंगाई की दर 45 फीसदी रही है। सोमवार को पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (पीबीएस) ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के दिसंबर के आंकड़े जारी किए थे। इसके मुताबिक बीते महीने 2021 के दिसंबर की तुलना में महंगाई 24.5 फीसदी की दर से बढ़ी। पीटीआई ने कहा है कि उसने महंगाई का बीते आठ महीनों का औसत आंकड़ा अपने श्वेत पत्र में शामिल किया है।

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श्वेत पत्र से सामने आया है कि निर्यात, बाहर से आने वाली कमाई की रकम (रेमिटैंसेस), प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सहित तमाम पैमानों पर पाकिस्तान की हालत बिगड़ती जा रही है। विदेशी मुद्रा की कमी के कराण पाकिस्तानी मुद्रा (रुपये) के भाव में अभूतपूर्व गिरावट आई है। पीटीआई ने आरोप लगाया है कि इस संकट के कारण हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं। बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां बंद हो चुकी हैं।

पीटीआई ने कहा कि सरकार के गलत कदमों के कारण कृषि क्षेत्र को भी नुकसान हुआ है। पार्टी ने दावा किया है कि शहबाज शरीफ सरकार नया कर्ज पाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की कठिन शर्तों को माने या नहीं, असल सूरत यह है कि देश में गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई की स्थिति का बिगड़ना तय है।

पाकिस्तान में बीते अप्रैल में इमरान खान की सरकार गिरने के बाद शहबाज शरीफ की सरकार सत्ता में आई थी। तब से दोनों खेमों के बीच आर्थिक दुर्दशा के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराने की होड़ चलती रही है। विश्लेषकों के मुताबिक देश की हालत के लगातार बिगड़ने का एक कारण दोनों पक्षों में जारी सियासी तनाव भी है। इससे देश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। इस कारण विदेशी सहायता पाना पाकिस्तान के लिए और मुश्किल हो गया है।

लेकिन पीटीआई ने दावा किया है कि पाकिस्तान पर कुल 127 बिलियन डॉलर के कर्ज की देनदारी है। उसमें सबसे बड़ा कर्ज आईएमएफ का है। श्वेत पत्र के मुताबिक अब देश को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 37 फीसदी हिस्सा कर्ज चुकाने पर खर्च करना होगा।

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