Pakistan: शहबाज शरीफ सरकार की दुविधा, इमरान खान को जेल में डालें या उनसे बात करें!
गृह मंत्री सनाउल्लाह ने रविवार को एक ट्विट में कहा कि इमरान खान को मिली जमानत की अवधि जैसे ही पूरी होगी, उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इस्लामाबाद तक दूसरा ‘आजादी मार्च’ आयोजित करने की घोषणा कर रखी है...
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पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के लिए पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान एक पहेली बने हुए हैं। इमरान खान ने जो चुनौती पेश कर रखी है, उससे निपटने का रास्ता वर्तमान पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की सरकार नहीं ढूंढ पा रही है। गृह मंत्री राना सनाउल्लाह की इमरान खान को गिरफ्तार करने की ताजा धमकी को इसी असमंजस का संकेत समझा जा रहा है। मई के आखिरी हफ्ते में जब इमरान खान ने ‘आजादी मार्च’ आयोजित किया, तब भी उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दी गई थी। लेकिन असल में शरीफ सरकार ये हिम्मत नहीं जुटा पाई।
गृह मंत्री सनाउल्लाह ने रविवार को एक ट्विट में कहा कि इमरान खान को मिली जमानत की अवधि जैसे ही पूरी होगी, उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इस्लामाबाद तक दूसरा ‘आजादी मार्च’ आयोजित करने की घोषणा कर रखी है। इस घोषणा के साथ ही खान ने पंजाब हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दी थी। इस पर हाईकोर्ट ने तीन हफ्तों तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
इमरान पर दो दर्जन से अधिक मुकदमे
इसीलिए पर्यवेक्षकों को गृह मंत्री के ताजा बयान पर हैरत हुई है। उन्होंने राय जताई है कि अगर पीडीएम सरकार खान को गिरफ्तार करना चाहती है, तो उसे उनकी जमानत खत्म कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए था। इसके बदले गृह मंत्री ने एक ऐसा सार्वजनिक बयान दिया है, जिसका फिलहाल कोई मतलब नहीं है। सनाउल्लाह ने कहा कि इमरान खान का नाम दो दर्जन से ज्यादा मुकदमों में आया है। ये मामले दंगा, राजद्रोह, अव्यवस्था फैलाने और देश के खिलाफ सशस्त्र हमले आयोजित करने के आरोपों से संबंधित हैं। सनाउल्लाह ने कहा कि जैसे ही जमानत की अवधि पूरी होगी, इन मामलों में खान को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस बीच शनिवार रात से इस्लामाबाद में सुरक्षा इंतजाम सख्त कर दिए गए हैं। ऐसा इमरान खान के पेशावर से इस्लामाबाद लौटने की संभावना को देखते हुए किया गया है। इमरान खान का निवास बानी गाला इलाके में है। वहां धारा-144 लागू कर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। पुलिस प्रवक्ता ने कहा है कि इमरान खान को कानून के मुताबिक पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी, लेकिन खान से भी अपेक्षा है कि वे पुलिस से सहयोग करें।
‘राजनीतिक संवाद’ शुरू करने की सलाह
एक तरफ सनाउल्लाह ने इमरान खान के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाए, तो दूसरी तरफ रविवार को ही पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के नेता शाहिद खकन अब्बासी ने प्रधानमंत्री को सलाह दी कि देश में गहराते आर्थिक संकट के मद्देनजर उन्हें ‘राजनीतिक संवाद’ शुरू करना चाहिए। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया जाना चाहिए। अब्बासी का ये बयान आने के बाद मीडिया हलकों में कयास लगाए जाने लगे कि संभवतः सरकार और इमरान खान के बीच बातचीत शुरू हो सकती है। पीएमएल-नवाज पीडीएम का प्रमुख घटक दल है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी लाहौर में रविवार को एक समारोह में देश में ‘व्यापक संवाद’ शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा- ‘देश की अर्थव्यवस्था इतनी बदहाल है कि सरकार बदलने से इसमें किसी प्रकार की रुकावट नहीं पड़नी चाहिए।’ पर्यवेक्षकों ने कहा कि पीडीएम सरकार के ये अंतर्विरोधी बयान इमरान खान की चुनौती को लेकर उसमें जारी दुविधा का संकेत हैं। सत्ताधारी गठबंधन इस चुनौती का हल ढूंढने में अब तक नाकाम दिख रही है।