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पाक की एक और चाल : गिलगित-बाल्टिस्तान में आज करा रहा चुनाव, भारत ने कहा-कोई अधिकार नहीं
Sun, 15 Nov 2020 09:27 AM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 15 Nov 2020 09:27 AM IST
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गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा
- फोटो : Social Media
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पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर का एक हिस्सा पिछले 70 सालों से कब्जाया हुआ है। इस हिस्से को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के रूप में जाना जाता है। बीते दिनों इमरान सरकार ने पीओके के एक हिस्से गिलगित-बाल्टिस्तान को अस्थाई प्रांत का दर्जा दिया और अपने अवैध कब्जे को कानूनी जामा पहनाने के लिए वहां आज चुनाव कराए जा रहे हैं। इसे लेकर भारत ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा है कि पाकिस्तान को इस क्षेत्र में चुनाव कराने का कोई अधिकार नहीं है।
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भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान में होने वाले चुनावों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज करवाया। भारत का कहना है कि रणनीतिक रूप से गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है।
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विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा,'हमने 15 नवंबर, 2020 को होने वाले तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा के लिए चुनावों की घोषणा के बारे में रिपोर्ट देखी है। हम पाकिस्तान के इस कदम पर कड़ा विरोध जताते हैं।
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बयान में कहा गया कि भारत इस बात को फिर से दोहराता है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ-साथ गिलगित-बाल्टिस्तान का क्षेत्र 1947 से ही भारत का अभिन्न अंग हैं। पाकिस्तान सरकार का अवैध रूप से कब्जे वाले क्षेत्रों पर कोई अधिकार नहीं है।
विधानसभा के प्रतिनिधि चुने जाएंगे
आज गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा के प्रतिनिधि चुने जाएंगे। पाकिस्तान ने 1947 में गिलगित-बाल्टिस्तान को चालबाजी से अपने हिस्से में ले लिया था। यह क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग है। हाल के दिनों में पाकिस्तान सरकार द्वारा इस इलाके को अपने हिस्से के रूप में दिखाने के लिए साजिशें रची जा रही हैं।
हाल में दिया अंतरिम प्रांत का दर्जा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में गिलगित-बाल्टिस्तान में एक जनसभा को संबोधित किया था। इस दौरान इमरान ने इस इलाके को अंतरिम प्रांत का दर्जा देने का एलान किया था। इसके लिए भारत ने पाकिस्तान की कड़े शब्दों में निंदा की थी। वहीं, अब दिखावे के लिए यहां पर चुनाव कराए जा रहे हैं।
पाक की सभी पार्टियां मैदान में
गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान की सभी मुख्यधारा की पार्टियों ने इस क्षेत्र में प्रचार किया। सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) और विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव प्रचार किया।
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पाक सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन
इस बात का अंदेशा है कि इस चुनाव के बाद गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का एक प्रांत घोषित कर दिया जाएगा। पाकिस्तान की इस नापाक चाल को लेकर भारत लगातार कड़ा ऐतराज जता रहा है। इस क्षेत्र के निवासियों ने भी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं। यहां के निवासियों में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ रोष है।