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डोभाल के शंघाई सहयोग संगठन की बैठक छोड़ने से बौखलाया पाकिस्तान
Wed, 16 Sep 2020 07:22 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 16 Sep 2020 07:22 PM IST
सार
- पाकिस्तान का दावा, नक्शा विवाद को लेकर मेजबान रूस भारत के साथ नहीं
- कसूरी ने कहा, आक्रामक रवैये से अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर भरोसा खो रहा है भारत
- भारत ने कहा, पाकिस्तान से ऐसी ही प्रतिक्रिया ही उम्मीद थी
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NSA SCO Meeting
- फोटो : File Photo
विस्तार
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने जिस तरह शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में पाकिस्तान की ओर से फर्जी नक्शा पेश करने पर विरोध जताया और बैठक बीच में ही छोड़ दी, उससे पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी ने कहा है कि पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रवैया अपना कर भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना भरोसा खोता जा रहा है। उनका दावा है कि डोभाल के बैठक छोड़कर चले जाने के बाद भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सुरक्षा सलाहकार मोईद युसूफ ने अपनी पूरी बात रखी और उनके पीछे पाकिस्तान का वही राजनीतिक नक्शा लगातार लगा रहा, जिसे देखकर डोभाल ने बैठक का बहिष्कार किया था।
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रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक कुरैशी ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि भारत ने बैठक के नियमों की अनदेखी की है और बैठक के आयोजक रूस ने भी इसे गलत ठहराया है। कुरैशी का दावा है कि भारत ये गलतबयानी कर रहा है कि रूस ने डोभाल के इस मुद्दे पर बैठक छोड़ देने का समर्थन किया। इससे पहले पाकिस्तान के सुरक्षा सलाहकार मोईद युसुफ के ऑफिस ने भी बयान जारी कर कहा कि ऑनलाइन मीटिंग के दौरान उनके पीछे लगे पाकिस्तान के राजनीतिक नक्शे को लेकर भारत ने आपत्ति उठाई थी, जिसे फोरम ने खारिज कर दिया था और नक्शा उनके पूरे भाषण के दौरान मौजूद रहा।
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कुरैशी ने अपने बयान में कहा है कि इस मसले पर बैठक का मेजबान रहा रूस पाकिस्तान के साथ नजर आया और उसने भारत के नजरिये का समर्थन नहीं किया। कुरैशी ने दावा किया कि भारत ने जम्मू-कश्मीर के विवादित हिस्से पर भारत के कब्जे के बारे में संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव भी मौजूद है। कुरैशी ने बड़ी चालाकी से चीन के समर्थन में भी माहौल बनाया और अपने बयान में भारत पर आरोप लगाया कि लद्दाख के सीमा विवाद को चीन बातचीत से सुलझाना चाहता है, लेकिन भारत ने इसे लेकर आक्रामक रवैया अपना रखा है।
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दूसरी तरफ भारत ने पाकिस्तान के इस रवैये का कड़ा विरोध किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने साफ कहा कि पाकिस्तान ने जानबूझकर बैठक के दौरान विवादास्पद और झूठा नक्शा रखा। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि भारत के सुरक्षा सलाहकार ने इस मुद्दे को बाकायदा मेजबान रूस के सामने रखा और विरोधस्वरूप बैठक का बहिष्कार किया क्योंकि ये बैठक के नियमों के खिलाफ है। और ऐसा हमें पहले से पता था कि पाकिस्तान इसे लेकर गलतबयानी करेगा और भारत पर आरोप लगाएगा।
पाकिस्तान ने इसी साल चार अगस्त को नया राजनीतिक नक्शा जारी किया है, जिसमें उसने जम्मू-कश्मीर के तमाम विवादित क्षेत्रों को अपने हिस्से में बताया है। ये नक्शा कश्मीर से 370 हटाए जाने और कश्मीर के पुनर्गठन के एक साल होने के एक दिन पहले जारी किया गया और दावा किया गया कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सम्मान करते हुए और कश्मीरियों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए यह नक्शा जारी किया है।