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Pakistan: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में दो कबीलों के बीच खूनी संघर्ष, 11 लोगों की गई जान
Sun, 13 Oct 2024 02:16 PM IST
शुभम कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: शुभम कुमार
Updated Sun, 13 Oct 2024 02:16 PM IST
सार
Pakistan: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में शनिवार में दो कबीलों के बीच खूनी संघर्ष देखने को मिला। जिसमें 11 लोगों की जान चली गई है वहीं अन्य कई लोगों के घायल हो गए है।
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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में दो कबीलों के बीच झड़प
- फोटो : ANI
विस्तार
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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां शनिवार को दो कबीलों के बीच खूनी संघर्ष में 11 लोगों की जान चली गई। वहीं कई अन्य लोगों के घायल होने की खबर सामने आ रही है। पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में प्रतिद्वंद्वी जनजातियों के बीच गोलीबारी की घटना में दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद प्रांत के कुर्रम जिले में तनाव बढ़ गया। हालांकि, झड़पों का कारण पता नहीं चल पाया है। वहीं इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी जावेदउल्लाह खान ने बताया कि हिंसा फैलने के साथ ही जिले के विभिन्न इलाकों में वाहनों को निशाना बनाया गया, जिससे कई लोग हताहत हुए।
अधिकारी ने दी जानकारी
झड़प के बाद बढ़ते हिंसा को देखते हुए पुलिस प्रशासन घटना स्थल पर पहुंच स्थिति को समान्य करने के प्रयास में लग गई। मामले को लेकर वरिष्ठ अधिकारी जावेदउल्लाह खान ने आगे बताया कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया है और यात्रा मार्गों को सुरक्षित करने और सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया गया। इसके साथ ही पूर्व सांसद और जनजातीय परिषद के सदस्य पीर हैदर अली शाह ने कहा कि जनजातियों के बीच शांति समझौते के लिए मध्यस्थता करने के लिए बुजुर्ग कुर्रम पहुंचे हैं, जिसके बाद उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई गोलीबारी की घटनाएं खेदजनक हैं और इससे स्थायी शांति के प्रयासों में बाधा उत्पन्न हुई है। बता दें कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में लगभग 4 करोड़ लोग रहते है। जो विभिन्न जनजातीय समूहों और पहचानों से आते हैं।
इससे पहले भी हो चुका है हिंसा
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पहली बार जनजातियों के बीच ऐसी झड़प नहीं हुई है। पिछले महीने एक अन्य घटना में, भूमि विवाद को लेकर सशस्त्र शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच कई दिनों तक चली झड़पों में कम से कम 25 लोग मारे गए थे। हालांकि दोनों समुदाय देश में काफी हद तक शांतिपूर्ण तरीके से साथ-साथ रहते हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में, खासकर कुर्रम में, जहां जिले के कुछ हिस्सों में शिया मुसलमानों का वर्चस्व है, उनके बीच दशकों से तनाव बना हुआ है।
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बढ़ती हिंसी की घटना प्रशासन के लिए बनी चुनौती
जनजातियों के बीच आय दिन बढ़ती झड़प पाकिस्तान सरकार और स्थानिय प्रशासन व्यवस्था के लिए चुनौती के तौर पर बन गई है। इस बीच लगातार क्षेत्र में झड़पों में वृद्धि देखी गई है क्योंकि पिछले महीने ही भूमि विवाद को लेकर सशस्त्र शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच 20 से अधिक लोग मारे गए थे। हालांकि दोनों देश में काफी हद तक शांतिपूर्ण तरीके से साथ-साथ रहते हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में, खासकर कुर्रम में, जहां जिले के कुछ हिस्सों में शिया मुसलमानों का वर्चस्व है, उनके बीच दशकों से तनाव बना हुआ है।
अधिकारी ने दी जानकारी
झड़प के बाद बढ़ते हिंसा को देखते हुए पुलिस प्रशासन घटना स्थल पर पहुंच स्थिति को समान्य करने के प्रयास में लग गई। मामले को लेकर वरिष्ठ अधिकारी जावेदउल्लाह खान ने आगे बताया कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया है और यात्रा मार्गों को सुरक्षित करने और सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया गया। इसके साथ ही पूर्व सांसद और जनजातीय परिषद के सदस्य पीर हैदर अली शाह ने कहा कि जनजातियों के बीच शांति समझौते के लिए मध्यस्थता करने के लिए बुजुर्ग कुर्रम पहुंचे हैं, जिसके बाद उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई गोलीबारी की घटनाएं खेदजनक हैं और इससे स्थायी शांति के प्रयासों में बाधा उत्पन्न हुई है। बता दें कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में लगभग 4 करोड़ लोग रहते है। जो विभिन्न जनजातीय समूहों और पहचानों से आते हैं।
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इससे पहले भी हो चुका है हिंसा
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पहली बार जनजातियों के बीच ऐसी झड़प नहीं हुई है। पिछले महीने एक अन्य घटना में, भूमि विवाद को लेकर सशस्त्र शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच कई दिनों तक चली झड़पों में कम से कम 25 लोग मारे गए थे। हालांकि दोनों समुदाय देश में काफी हद तक शांतिपूर्ण तरीके से साथ-साथ रहते हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में, खासकर कुर्रम में, जहां जिले के कुछ हिस्सों में शिया मुसलमानों का वर्चस्व है, उनके बीच दशकों से तनाव बना हुआ है।
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बढ़ती हिंसी की घटना प्रशासन के लिए बनी चुनौती
जनजातियों के बीच आय दिन बढ़ती झड़प पाकिस्तान सरकार और स्थानिय प्रशासन व्यवस्था के लिए चुनौती के तौर पर बन गई है। इस बीच लगातार क्षेत्र में झड़पों में वृद्धि देखी गई है क्योंकि पिछले महीने ही भूमि विवाद को लेकर सशस्त्र शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच 20 से अधिक लोग मारे गए थे। हालांकि दोनों देश में काफी हद तक शांतिपूर्ण तरीके से साथ-साथ रहते हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में, खासकर कुर्रम में, जहां जिले के कुछ हिस्सों में शिया मुसलमानों का वर्चस्व है, उनके बीच दशकों से तनाव बना हुआ है।