Pakistan: राष्ट्रपति की सहमति के बिना चुनाव की तारीखों का एलान कर सकेगा ECP, सीनेट ने विधेयक को दी मंजूरी
Pakistan: कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने कहा कि चुनाव की तारीख चुनने का अधिकार 1973 में ईसीपी को दिया गया था। लेकिन जियाउल हक (पूर्व सैन्य तानाशाह) ने एक संशोधन के जरिए राष्ट्रपति को यह अधिकार दिया।
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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के सांसदों के विरोध के बावजूद चुनाव आयोग (ईसीपी) को राष्ट्रपति की सहमति के बिना चुनाव की तारीखों की घोषणा करने का अधिकार देने के उद्देश्य से शुक्रवार को सीनेट (संसद का ऊपरी सदन) में एक विधेयक पारित किया गया। पूर्ववर्ती चुनाव अधिनियम 2017 की जगह लेने वाले चुनाव (संशोधन) विधेयक 20202x3 को पाकिस्तान के राज्य मंत्री शहादत अवान ने उच्च सदन में पेश किया।
इस कानून के उद्देश्यों और कारणों वाले बयान में कहा गया है कि संविधान में ईसीपी के कर्तव्य की परिकल्पना की गई है कि वह ईमानदारी से, निष्पक्ष रूप से और कानून के अनुसार चुनाव आयोजित करे। कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने कहा कि चुनाव की तारीख चुनने का अधिकार 1973 में ईसीपी को दिया गया था। लेकिन जियाउल हक (पूर्व सैन्य तानाशाह) ने एक संशोधन के जरिए राष्ट्रपति को यह अधिकार दिया।
विपक्षी सांसदों, विशेष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पीटीआई से जुड़े सांसदों ने संशोधनों को सिरे से खारिज किया है। विपक्ष के नेता शहजाद वसीम ने कहा, 'संविधान चुनाव की तारीख को लेकर बहुत स्पष्ट है और यह राष्ट्रपति और राज्यपाल दोनों को चुनाव की तारीख घोषित करने की शक्ति देता है।
ईसीपी ने संसद के दोनों सदनों को संबोधित एक पत्र लिखकर इसे और शक्तियां देने का आग्रह किया था, जिसके बाद विधेयक पेश किया गया था।इसके बाद सीनेट के स्पीकर सादिक संजरानी ने ईसीपी द्वारा प्रस्तावित संशोधनों की जांच के लिए अप्रैल में आठ सदस्यीय द्विदलीय संसदीय समिति का गठन किया।
खान को पिछले साल अप्रैल में नेशनल असेंबली (संसद का निचला सदन) में अविश्वास मत हारने के बाद सत्ता से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद से क्रिकेटर से नेता बने खान पाकिस्तान में जल्द आम चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। पीएमएल-एन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने उनकी मांग को खारिज किया है और वरिष्ठ मंत्रियों ने कहा है कि चुनाव संविधान के प्रावधानों के अनुसार होंगे। नेशनल असेंबली का मौजूदा कार्यकाल इस साल अगस्त में समाप्त होगा और अक्तूबर में नए चुनाव होने की उम्मीद है।