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इमरान की कोरी धमकी- अगर भारत ईट फेंकेगा, तो हम उसका जवाब पत्थर से देंगे
Fri, 13 Sep 2019 09:09 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फराबाद
Published by: अमित मंडल
Updated Fri, 13 Sep 2019 09:09 PM IST
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान
- फोटो : ट्विटर
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कश्मीर मामले पर बौखलाए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का बड़बोलापन खत्म नहीं हो रहा है। यूएन सहित तमाम अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मुंह की खाने के बावजूद इमरान खान कश्मीरियों को समर्थन का राग अलापकर खुद को अंधेरे में रखे हुए हैं।
पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र आम सभा में कश्मीरियों को निराश नहीं करेंगे। उन्होंने भारत द्वारा जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने के बाद कश्मीरियों की बदहाली की बात हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने का संकल्प व्यक्त किया।
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पाक अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण हो गया है और यहां तक कि यूरोपीय संघ और ब्रिटिश संसद में इस मामले पर चर्चा हुई है। इस जनसभा का आयोजन कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए किया गया था।
उन्होंने 27 सितंबर को प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र आम सभा में अपने संबोधन के बारे में कहा, अगले सप्ताह मैं संयुक्त राष्ट्र आम सभा को संबोधित करने जा रहा हूं और मैं कश्मीर के लोगों को निराश नहीं करूंगा। मैं कश्मीरियों के अधिकारों के लिए उस तरह खड़ा होऊंगा, जैसा कि इससे पहले किसी ने नहीं किया होगा।
खान ने भारत द्वारा धारा 370 खत्म करने के बाद अपनी दूसरी मुजफ्फराबाद यात्रा में कहा कि 50 साल में पहली बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस पर चर्चा होने के साथ ही कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण हो गया है।
भारत ने अनुच्छेद 370 की समाप्ति को अपना आंतरिक मामला बताया है और पाकिस्तान के “गैर-जिम्मेदाराना बयानों” पर कड़ी आपत्ति जताई है।
इमरान खान ने कहा कि पहली बार यूरोपीय संघ ने कहा कि कश्मीर मुद्दे का समाधान संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के अनुसार होना चाहिए। ओआईसी (इस्लामिक सहयोग संगठन) और 58 देशों ने कश्मीर में हो रहे उत्पीड़न पर पाकिस्तान का समर्थन किया और कहा कि कश्मीर में कर्फ्यू हटाना चाहिए।
पाक प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के कदम से कश्मीर में चरमपंथ बढ़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान भारत के किसी भी हमले का पूरा जवाब देगा। उन्होंने कहा कि अगर भारत ईट फेंकेगा, तो हम उसका जवाब पत्थर से देंगे।
इमरान खान ने कहा कि मैं मोदी को एक संदेश देना चाहता हूं, अत्याचार के बावजूद आप कभी भी सफल नहीं होंगे क्योंकि कश्मीरियों को मौत का डर नहीं। इसलिए आप उनको हरा नहीं सकते, आप चाहें जो कर लें।
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पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र आम सभा में कश्मीरियों को निराश नहीं करेंगे। उन्होंने भारत द्वारा जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने के बाद कश्मीरियों की बदहाली की बात हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने का संकल्प व्यक्त किया।
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पाक अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण हो गया है और यहां तक कि यूरोपीय संघ और ब्रिटिश संसद में इस मामले पर चर्चा हुई है। इस जनसभा का आयोजन कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए किया गया था।
उन्होंने 27 सितंबर को प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र आम सभा में अपने संबोधन के बारे में कहा, अगले सप्ताह मैं संयुक्त राष्ट्र आम सभा को संबोधित करने जा रहा हूं और मैं कश्मीर के लोगों को निराश नहीं करूंगा। मैं कश्मीरियों के अधिकारों के लिए उस तरह खड़ा होऊंगा, जैसा कि इससे पहले किसी ने नहीं किया होगा।
खान ने भारत द्वारा धारा 370 खत्म करने के बाद अपनी दूसरी मुजफ्फराबाद यात्रा में कहा कि 50 साल में पहली बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस पर चर्चा होने के साथ ही कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण हो गया है।
भारत ने अनुच्छेद 370 की समाप्ति को अपना आंतरिक मामला बताया है और पाकिस्तान के “गैर-जिम्मेदाराना बयानों” पर कड़ी आपत्ति जताई है।
इमरान खान ने कहा कि पहली बार यूरोपीय संघ ने कहा कि कश्मीर मुद्दे का समाधान संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के अनुसार होना चाहिए। ओआईसी (इस्लामिक सहयोग संगठन) और 58 देशों ने कश्मीर में हो रहे उत्पीड़न पर पाकिस्तान का समर्थन किया और कहा कि कश्मीर में कर्फ्यू हटाना चाहिए।
पाक प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के कदम से कश्मीर में चरमपंथ बढ़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान भारत के किसी भी हमले का पूरा जवाब देगा। उन्होंने कहा कि अगर भारत ईट फेंकेगा, तो हम उसका जवाब पत्थर से देंगे।
इमरान खान ने कहा कि मैं मोदी को एक संदेश देना चाहता हूं, अत्याचार के बावजूद आप कभी भी सफल नहीं होंगे क्योंकि कश्मीरियों को मौत का डर नहीं। इसलिए आप उनको हरा नहीं सकते, आप चाहें जो कर लें।