Pakistan: आतंकवाद के तीन मामलों में इमरान को अदालत से अग्रिम जमानत, मीनार-ए-पाकिस्तान में PTI का जलसा
खान ने आतंकवाद रोधी अदालत के न्यायाधीश एजाज अहमद बुट्टर से कहा कि वह लाहौर की रेसकोर्स पुलिस द्वारा उसके खिलाफ दर्ज आतंकवाद के तीन मामलों की जांच में शामिल होना चाहते हैं। हालांकि, अदालत के एक अधिकारी ने सुनवाई के बाद बताया कि ये मामले फर्जी हैं।
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पाकिस्तान की एक आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान को आतंकवाद के तीन मामलों में शनिवार को चार अप्रैल तक अग्रिम जमानत दे दी। उनके खिलाफ ये मामले लाहौर पुलिस ने दर्ज किए हैं। सत्तर वर्षीय खान यहां एटीसी के समक्ष पेश हुए। उनके साथ उनके कई समर्थक भी मौजूद थे।
खान ने आतंकवाद रोधी अदालत के न्यायाधीश एजाज अहमद बुट्टर से कहा कि वह लाहौर की रेसकोर्स पुलिस द्वारा उसके खिलाफ दर्ज आतंकवाद के तीन मामलों की जांच में शामिल होना चाहते हैं। हालांकि, अदालत के एक अधिकारी ने सुनवाई के बाद बताया कि ये मामले फर्जी हैं, लेकिन उन्हें जांच में शामिल होना होगा और इसी उद्देश्य से उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए आग्रह किया।
चार अप्रैल तक अग्रिम जमानत देते हुए न्यायाधीश ने खान को अदालत की हर सुनवाई में पेश होने का निर्देश दिया। अधिकारी ने बताया कि उन्होंने खान को बड़ी संख्या में अपने समर्थकों को अदालत में न लाने को भी कहा। उन्होंने कहा कि अगर अगली बार अदालत में इतनी बड़ी संख्या में लोग आपके साथ जाते हैं, तो मैं मामले की सुनवाई नहीं करूंगा।
लाहौर पुलिस ने हाल ही में तोशाखाना मामले में इमरान खान को गिरफ्तार करने के लिए ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान पुलिस और उनकी पार्टी पीटीआई के समर्थकों के बीच झड़पें हुई थीं, इसके बाद पुलिस ने इस संबंध में आतंकवाद के ये तीन मामले दर्ज किए थे।
लाहौर उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में खान के खिलाफ दर्ज आतंकवाद के पांच अन्य मामलों में उनकी अग्रिम जमानत 27 मार्च तक बढ़ा दी थी। पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ पिछले 11 महीनों के दौरान पीएमएलएन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने आतंकवाद, हत्या, हत्या के प्रयास और ईशनिंदा के तहत 140 से अधिक मामले दर्ज किए हैं।
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खान ने शनिवार को ट्विटर पर कहा कि वह आज रात यहां प्रस्तावित रैली में 'हकीकी आजादी' की बात करेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से किसी भी परिस्थिति में इसमें शामिल होने से पीछे न हटने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मीनार-ए-पाकिस्तान में उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की रैली अब तक की सबसे बड़ी रैली होगी जो सभी रिकॉर्ड तोड़ देगी।
उन्होंने कहा, आज रात मीनार-ए-पाकिस्तान में हमारा छठा जलसा होगा और मेरा दिल मुझसे कहता है कि यह सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा। मैं लाहौर में सभी को तनमाज के बाद शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहा हूं। मैं हकीकी आजादी के बारे में अपना दृष्टिकोण बताऊंगा और बताऊंगा कि कैसे हम पाकिस्तान को बदहाली से बाहर निकालेंगे।
लाहौर आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) के बाहर मीडिया से बात करते हुए खान ने कहा कि सरकार जो भी तरीका अपनाएगी, उस पर शनिवार को जनता की प्रतिक्रिया आएगी। डॉन अखबार ने खान के हवाले से कहा, 'हम किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटेंगे। यह जिक्र करते हुए कि सरकार लोगों को रैली में शामिल होने से रोकने के लिए सभी तरह की बाधाएं डालेगी, खान ने कहा कि वह लोगों को याद दिलाना चाहते हैं कि राजनीतिक सभा में शामिल होना उनका मौलिक अधिकार है।
खान ने कहा, हर किसी को एक स्वतंत्र राष्ट्र के नागरिक के रूप में अपने अधिकार का दावा करना चाहिए जिसने अपनी स्वतंत्रता हासिल की जा सके। मीनार-ए-पाकिस्तान में आज रात पीटीआई की रैली से पहले लाहौर में विभिन्न स्थानों पर शिपिंग कंटेनर रखे गए हैं। जिओ न्यूज की खबर के मुताबिक, पुलिस ने विभिन्न इलाकों से पीटीआई के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। हालांकि, खान ने दावा किया कि उनके कुल 1,600 कार्यकर्ताओं को केवल इसलिए ले जाया गया है क्योंकि वे आज हमारी मीनार-ए-पाकिस्तान रैली में आना चाहते थे।
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