भारतीय सेना प्रमुख नरवणे की चेतावनी से पाकिस्तान बौखलाया, बयान को गैर जिम्मेदाराना बताया
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भारत के नए सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के उस बयान पर पाकिस्तान बुरी तरह से तिलमिला गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को नियंत्रण रेखा के पार एहतियातन हमला करने का अधिकार है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस बयान को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि हमारी सेना पीओके में भारत के किसी भी आक्रामक कदम का उचित जवाब देगी।
बता दें कि नरवणे ने आतंक की जड़ पर हमले को लेकर उक्त प्रतिक्रिया दी थी। जबकि पाक लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश में नाकाम होता रहा है। इस पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शाह फैजल ने बौखलाहट निकालते हुए कहा कि ‘भारत की धमकियां कश्मीर से किसी का ध्यान नहीं भटका पाएंगी। हम विश्व बिरादरी में कश्मीर का मुद्दा उठाना जारी रखेंगे।’
शाह फैजल ने कहा, हम भारत के नए सेनाध्यक्ष के गैर जिम्मेदाराना बयान को खारिज करते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में भारत के आक्रामक कदमों को विफल करने के पाकिस्तानी निश्चय पर किसी को संदेह नहीं करना चाहिए। पाक विदेश मंत्रालय ने बालाकोट हमले का भी जिक्र किया और कहा कि किसी को इस हमले के बाद पाकिस्तान के मुंहतोड़ जवाब को नहीं भूलना चाहिए।
पाक की नाकाम कोशिशें
पाकिस्तान कश्मीर को लेकर भारत के खिलाफ दुनिया भर में गलत संदेश देता रहा है लेकिन उसे किसी का साथ नहीं मिल पाया है। पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पिछले पांच माह में सात पत्र लिखे हैं। इन पत्रों में उसने सीमा पर भारत द्वारा मिसाइल तैनाती के आरोप भी लगाए, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। पाक प्रायोजित आतंकवाद के चलते उसकी हर कोशिश नाकाम रही।
सिर्फ चीन का समर्थन
पाकिस्तान को इस्लामिक देशों में भी भारत के विरुद्ध समर्थन नहीं मिल पाया है। सऊदी अरब, यूएई, कतर जैसे देशों ने भी उनकी दोस्ती को भारतीय मामलों से अलग रखा। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद अब तक सिर्फ चीन ने ही पाक को समर्थन दिया है। यूएन में बंद कमरे में कश्मीर समस्या पर बहस कराने के लिए चीन ने ही पाक का साथ दिया था। हालांकि, उसकी कोशिशें नाकाम रहीं।