उत्तर कोरिया ने एक बार फिर छोड़ी दो शॉर्ट रेंज वाली मिसाइलें, बढ़ेगा तनाव
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दक्षिण कोरिया ने दावा किया है उत्तर कोरिया ने बृहस्पतिवार को छोटी दूरी की दो मिसाइलों को समुद्र में दागा है। दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ ने इस बात की पुष्टि की है।
दक्षिण कोरिया की सीमा पर स्थित डीएमजी में किम जोंग उन की ट्रंप से हुई मुलाकात के बाद यह पहला मिसाइल परीक्षण है। दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर कोरिया ने सुबह होने के तुरंत बाद 2 मिसाइलें दागीं। जिसके बाद ये मिसाइलें पूर्वी सागर में जा गिरी।
सियोल के एक अधिकारी के अनुसार, एक मिसाइल ने 430 किलोमीटर से अधिक की उड़ान भरी, जबकि दूसरी मिसाइल नेेे 690 किलोमीटर तक की उड़ान भरी। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में एक अलग तरह की मिसाइल है। माना जा रहा है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच अगले महीने होने वाले सैन्य अभ्यासों को लेकर चेतावनी दिए जाने के बाद यह कदम उठाया है।
उत्तर कोरिया ने आगाह किया था कि इन युद्ध अभ्यासों से वाशिंगटन और प्योंगयांग के बीच परमाणु निरस्त्रीकरण की वार्ता बहाल होने की योजना प्रभावित हो सकती है। वहीं जापान के रक्षा मंत्री ने प्योंगयांग के इस कदम को ‘अत्यधिक खेदजनक’ बताया।
North Korea fires two "projectiles": reports AFP news agency quoting South Korea Joint Chiefs. https://t.co/kNdfmzkESs
— ANI (@ANI) July 24, 2019
किम जोंग की उपस्थिति में संदेह
हालांकि, ‘यह स्पष्ट नहीं है कि किम जोंग-उन प्रक्षेपण स्थल पर मौजूद थे या नहीं।’ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका के साथ मिलकर मिसाइलों का संयुक्त विश्लेषण किया जा रहा है। जापान ने कहा कि ये मिसाइलें उसके सागर तक नहीं पहुंची हैं।
आखिरी बार मई में उत्तर कोरिया ने दागी थी मिसाइलें
जापान के रक्षा मंत्री ने प्योंगयांग के इस कदम को अत्यधिक खेदजनक बताया। उत्तर कोरिया ने आखिरी बार 9 मई को छोटी दूरी की मिसाइलें दागी थीं जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने काफी साधारण सी मिसाइलें बताया था। हालांकि, पिछले सप्ताह उत्तर कोरिया ने सैन्य अभ्यासों को लेकर चेतावनी दी थी। ये सैन्य अभ्यास कुछ वर्षों से बंद थे और परमाणु संपन्न देश के साथ तनाव कम करने के लिए इन अभ्यासों को रोक दिया गया था।
उत्तर कोरिया में किम जोंग की तानाशाही बरकरार, आम चुनाव में मिले 99.98 प्रतिशत वोट
वहीं उत्तर कोरिया में रविवार को हुए आम चुनाव में देश के नेता किम जोंग उन को करीब-करीब 100 प्रतिशत वोट मिले हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि चुनावों में कोई दूसरा उम्मीदवार और प्रतिद्वंद्वी नहीं होने के कारण उत्तर कोरिया में चुनाव सिर्फ राजनीतिक दिखावा है।
उनके अनुसार, इस तरह के चुनाव में प्राधिकारी यह दावा करेंगे कि किम जोंग उन को भारी बहुमत मिला और उनके प्रति लोग वफादार हैं। रविवार को हुए चुनाव में 99.98 प्रतिशत मतदान हुआ है जो कि 2015 के मुकाबले 0.01 प्रतिशत ज्यादा है।
उत्तर कोरिया की सरकारी एजेंसी केसीएनए ने रविवार को बताया कि जो लोग विदेश यात्राओं पर या समुद्री यात्रा पर हैं, सिर्फ उन्हीं लोगों ने मतदान नहीं किया। एजेंसी ने बताया कि बीमार और बुजुर्ग लोगों ने मोबाइल मतदान केंद्रों पर वोट डाला।
उत्तर कोरिया में प्रत्येक चार साल में प्रांतीय, शहरी और काउंटी असेंबलियों के प्रतिनिधियों के निर्वाचन के लिए मतदान होता है। केसीएनए की खबर के अनुसार, किम ने उत्तरी हाम्गयोंग प्रांत में मतदान केंद्र पर दो प्रत्याशियों जु सोंग हो और जोंग सोंग सिक के पक्ष में वोट डाला। दोनों ही काउंटी असेंबली के लिए चुनाव लड़ रहे थे।