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11 मई तक बढ़ी नीरव मोदी की न्यायिक हिरासत, वीडियो लिंक से हुई सुनवाई
Wed, 29 Apr 2020 06:20 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 29 Apr 2020 06:20 AM IST
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नीरव मोदी
- फोटो : पीटीआई
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भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की एक अदालत ने मंगलवार को 11 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आगे से उसके मामले की पांच दिन तक वीडियो लिंक के जरिए सुनवाई की जाएगी।
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नीरव पंजाब नेशनल बैंक के साथ दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई से बचने के लिए प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ बिटेन की अदालत में चुनौती दे रहा है।
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49 वर्षीय नीरव इस समय दक्षिण पश्चिम लंदन की एक जेल में है। उसे मंगलवार को वीडियो लिंक के जरिए ही जेल से अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उसने वेस्टमिनिस्टर मैजिस्ट्रेट की अदालत में अपने नाम और जन्मतिथि की पुष्टि की।
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बता दें कि की अदालतों में इस समय कोराना वायरस संक्रमण के खतरे के कारण आनलाइन वीडियो संपर्क के माध्यम से ही पेशी हो रही हैं। नीरव के मामले में जिला जज सैमुअल गूजी ने पहले तो इस लॉकडाउन के दौर में प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई कार्यक्रम के अनुसार अगले महीने किए जाने पर आपत्ति जताई।
पर बाद में सभी पक्ष मान गए कि सुनवाई के संबंध में अदालत की सीवीपी यानी सामान्य दृश्य प्रणाली का परीक्षण सात मई को होगा। इसमें केवल वकील शामिल होंगे। उसके बाद ग्यारह मई को अंतिम सुनवाई शुरू होगी।
नीरव मोदी को भारत के हवाले किए जाने की अर्जी से संबंधित मामले में यह सुनवाई पांच दिन चलेगी। ब्रिटेन सरकार ने भारत की अर्जी पर कार्रवाई के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी थी।
यह मामला भारत की दो जांच एजेंसियों केंद्रीय जांच ब्यूरो और सतर्कता निदेशालय ने दायर किया है। आरोप है कि मोदी ने भारतीय बैंक के फर्जी सहमति-पत्र दिखा कर विदेशों में बैंकों से कर्ज लिए और उस धन की हेरा फेरी की।