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America: टैरिफ, राष्ट्रपति की शक्तियां व नागरिकता, सुप्रीम कोर्ट के नए कार्यकाल में इन मामलों पर आना है फैसला

Sun, 05 Oct 2025 07:49 AM IST
कुमार विवेक वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sun, 05 Oct 2025 07:49 AM IST
सार

US Supreme Court New Tenure: अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट का एक महत्वपूर्ण कार्यकाल सोमवार से शुरू हो रहा है। इस कार्यकाल में राष्ट्रपति की शक्तियों के परीक्षण के साथ-साथ मतदान और एलजीबीटीक्यू लोगों के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई होनी है। आइए इस विषय के बारे में विस्तार से जानते हैं। 

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New Supreme Court term confronts justices with Trump's aggressive assertion of presidential power
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट का एक महत्वपूर्ण कार्यकाल सोमवार से शुरू हो रहा है। इस कार्यकाल में राष्ट्रपति की शक्तियों के परीक्षण के साथ-साथ मतदान और एलजीबीटीक्यू लोगों के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई होनी है। 

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अदालत का रूढ़िवादी बहुमत अब तक कम से कम शुरुआती फैसलों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई आक्रामक अधिकार-प्रत्यारोपों के प्रति सकारात्मक रहा है। उदारवादी न्यायाधीश केतनजी ब्राउन जैक्सन ने कैल्विन एंड हॉब्स कॉमिक स्ट्रिप का हवाला देते हुए ऐसे ही एक फैसले में रिसर्च फंडिंग में 78.3 करोड़ डॉलर की कटौती की अनुमति दी थी।
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जैक्सन ने लिखा, "यह कैल्विनबॉल न्यायशास्त्र का एक अनोखा पहलू है। कैल्विनबॉल का सिर्फ एक ही नियम है। कोई निश्चित नियम नहीं हैं। हमारे पास दो नियम हैं: पहला, और दूसरा, यह प्रशासन हमेशा जीतता है।"
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कंजर्वेटिव न्यायाधीश ट्रंप की कुछ नीतियों की गहन जांच करते समय अधिक संशयी हो सकते हैं। इनमें राष्ट्रपति की ओर से टैरिफ लगाना और जन्मजात नागरिकता पर उनके वांछित प्रतिबंध शामिल हैं।

जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के विधि विद्यालय में सुप्रीम कोर्ट संस्थान के कार्यकारी निदेशक इरव गोर्नस्टीन के अनुसार यदि अदालत में रूढ़िवादी-उदारवादी विभाजन जारी रहता है तो "हम अब तक के सबसे अधिक ध्रुवीकरण वाला दौर देखेंगे। न्यायाधीश अगले 10 महीनों में ट्रंप के कुछ सबसे विवादास्पद प्रयासों पर फैसला सुनाएंगे। राष्ट्रपति की शक्तियों पर तीन प्रमुख मामले विचाराधीन हैं

नवंबर की शुरुआत में न्यायाधीश ट्रंप के आर्थिक एजेंडे से जुड़े एक अहम मामले की सुनवाई कर रहे हैं। यहां वे कई तरह के व्यापक टैरिफ की वैधता पर विचार कर रहे हैं। दो निचली अदालतों ने पाया है कि रिपब्लिकन राष्ट्रपति के पास आपातकालीन शक्तियों वाले कानून के तहत एकतरफा व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है।

राज्यों और छोटे व्यवसायों का तर्क है कि ट्रंप राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करके और उनसे निपटने के लिए टैरिफ का उपयोग करके कांग्रेस की कराधान शक्तियों को नहीं हड़प सकते।

हालांकि, प्रशासन का कहता है कि यह कानून राष्ट्रपति को आयात को विनियमित करने का अधिकार देता है, और इसमें टैरिफ जैसे शुल्क भी शामिल हैं। वाशिंगटन स्थित एक संघीय अपील अदालत के चार असहमत न्यायाधीशों ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए उच्च न्यायालय में संभावित कानूनी रास्ता तैयार किया।

दिसंबर में, न्यायाधीश स्वतंत्र एजेंसियों के सदस्यों को अपनी इच्छानुसार बर्खास्त करने के ट्रंप के अधिकार पर विचार करेंगे। यह एक ऐसा मामला है जो संभवतः अदालत को 90 साल पुराने फैसले को पलटने या उसे पूरी तरह से सीमित करने के लिए प्रेरित करेगा। इसके लिए राष्ट्रपति की सीनेट की ओर से अनुमोदित अधिकारियों को उनके पदों से हटाने से पहले कर्तव्य की उपेक्षा जैसे किसी कारण की आवश्यकता होती थी।

इस मामले में भी नतीजों पर स्थिति साफ नहीं है क्योंकि रूढ़िवादियों ने मामले की सुनवाई के दौरान अधिकारियों की बर्खास्तगी को जारी रखा है। इससे पहले निचली अदालत के न्यायाधीशों ने बर्खास्तगी को अवैध पाया था।

एक अन्य मामला जो अदालत में पहुंचा है लेकिन जिस पर अभी तक विचार नहीं किया गया है वह ट्रंप के कार्यकारी आदेश से जुड़ा है। इस आदेश के तहत अमेरिका में जन्मे उन बच्चों को जन्मसिद्ध नागरिकता देने से रोक लगा दी गई है, जिनके माता-पिता अवैध रूप से या अस्थायी रूप से अमेरिका में रह रहे हैं।


प्रशासन ने निचली अदालतों एक फैसले को असंवैधानिक बताते हुए इस मामले में अपील की है। प्रशासन के अनुसार यह कानून 125 से अधिक वर्षों की आम समझ और 1898 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन है। इस मामले पर सर्दियों के अंत या बसंत की शुरुआत में बहस हो सकती है।

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