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अफगानिस्तान में नई सरकार: आज जुमे की नमाज के बाद होगा एलान, कंधार से चलेगा चीनी फंडिंग वाला राजकाज!
Fri, 03 Sep 2021 08:35 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काबुल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 03 Sep 2021 08:35 AM IST
सार
दुनिया ने यह तो मान लिया है कि अफगानिस्तान का भविष्य अब तालिबान के हाथों में ही है, लेकिन सभी बड़े देशों की इस नई सरकार पर नजरें टिकी हुई हैं। तालिबानी सरकार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने क्या छाप छोड़ती है, यह उसके कामकाज के तरीके और व्यवहार पर निर्भर करेगा।
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- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अफगानिस्तान में नई सरकार के गठन का आज एलान हो सकता है। माना जा रहा है कि जुमे की नमाज के बाद ईरान की तर्ज पर तालिबान की ओर से इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। नई सरकार के गठन समारोह के लिए काबुल स्थित राष्ट्रपति भवन में जश्न की तैयारी भी चल रही है।
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सूत्रों की मानें तो खूंखार आतंकी हैबतुल्ला अखुंदजादा ही तालिबानी सरकार का सर्वोच्च नेता होगा। उसका पद राष्ट्रपति से भी ऊंचा होगा और धार्मिक व राजनैतिक प्राधिकारी भी वही होगा। अखुंदजादा ही सेना, सरकार व न्याय व्यवस्था के प्रमुखों की नियुक्ति कर सकेगा।
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कंधार से चलेगा राजकाज
अफगानिस्तान में तालिबान का सबसे बड़ा ठिकाना कंधार है। तालिबान के कई बड़े नेता कंधार में ही छिप कर रहते हैं। इसलिए नई सरकार का ज्यादातर कामकाज भी कंधार से ही चलेगा। सर्वोच्च नेता हैबतुल्ला अखुंदजादा यहीं से सरकार का काम-काज देखेगा।
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चीन से होगी फंडिंग
तालिबान इस बात को पहले ही कबूल चुका है कि वह नई सरकार को चलाने के लिए चीन पर निर्भर है, क्योंकि चीन ही उसका सबसे भरोसेमंद सहयोगी है। इसलिए माना जा रहा है कि अफगानिस्तान में नई सरकार चीन की फंडिंग से ही चलेगी। पिछले दिनों तालिबान के नंबर दो नेता मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने बीजिंग का दौरा भी किया था और चीन के विदेश मंत्री से बात भी की थी।
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गवर्नर के हाथों में होगी प्रांत की बागडोर
तालिबानी नेता समांगनी का कहना है कि नई सरकार में गवर्नर ही प्रांत प्रमुख होंगे। वहीं जिलों में जिला गवर्नर होंगे। इन्हीं के हाथों में अपने-अपने क्षेत्र की बागडोर होगी। समांगनी ने बताया कि तालिबान ने पहले से ही प्रांतों व जिलों के लिए गवर्नरों व पुलिस प्रमुख की नियुक्ति कर दी है।
नई सरकार में महिलाएं भी होंगी शामिल
दोहा में तालिबान के नेता शेर मोहम्मद अब्बास स्तानिकजई ने मीडिया को बताया था कि नई सरकार में महिलाओं की भी भूमिका होगी। वहीं सभी कबीलों के सदस्यों को इसमें शामिल किया जाएगा। राष्ट्रीय झंडा व राष्ट्रगान पर अभी फैसला नहीं लिया गया है।
पिछली सरकारों के लेाग नहीं होंगे शामिल
तालिबानी नेता इनामुल्ला समांगनी के मुताबिक, नई सरकार में उन लोगों को शामिल नहीं किया जाएगा, जो पूर्ववर्ती सरकारों में शामिल रहे हैं। तालिबान का कहना है कि वह सभी देशों से दोस्ताना संबंध स्थापित करने का प्रयास कर रहा है।