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Netherlands: नीदरलैंड कोर्ट ने 41 साल के मीजर को शुक्राणु दान से रोका, 600 बच्चों के बन चुके हैं पिता
Sat, 29 Apr 2023 04:51 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 29 Apr 2023 04:51 PM IST
सार
अदालत का यह फैसला डच डोनर चाइल्ड फाउंडेशन द्वारा मुकदमा करने के बाद आया। दस्तावेजों के अनुसार व्यक्ति ने अबतक 11 फर्टिलिटी क्लिनिक में शुक्राणु दान दिया है।
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Sperm Donor
- फोटो : Social Media
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विस्तार
नीदरलैंड की एक अदालत ने 41 वर्षीय एक व्यक्ति को भविष्य में किसी को भी अपने शुक्राणु दान करने से रोक दिया है। यह व्यक्ति 550 से 600 बच्चों का पिता हो सकता है। डच निजता कानूनों के कारण इस व्यक्ति की सरकार ने सार्वजनिक पहचान उजागर नहीं की लेकिन द न्यूयॉर्क टाइम्स को एक लेख में एक ईमेल के जरिये स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसका नाम जोनाथन जैकब मीजर (41) बताया।
द हेग डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के मुताबिक, मीजर ने पहले से ही कई लोगों को शुक्राणुओं का दान करके कई बच्चों को जन्म दिया है। उसने अधिक शुक्राणु दान करने के अपने इरादे के बारे में भी झूठ बोला।
शुक्राणु दान से रोकना बच्चों के हित में : कोर्ट
कोर्ट का फैसला डच डोनर चाइल्ड फाउंडेशन द्वारा मीजर पर मुकदमा दायर करने के बाद आया। अदालत ने बच्चों के लिए नकारात्मक मनोवैज्ञानिक नतीजों का हवाला दिया और कहा कि मीजर को शुक्राणु दान करने से रोकना बच्चों के सर्वोत्तम हित में है। इतने सारे जैविक सौतेले भाई-बहनों के साथ संबंध बनाना उनके लिए कठिन होगा और यह अनाचार की संभावना को बढ़ाता है।
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माता-पिता अब इस तथ्य का सामना कर रहे हैं कि सैकड़ो सौतेले भाई बहनों के साथ उनके बच्चे विशाल रिश्तेदारी नेटवर्क का हिस्सा बन चुके हैं। हालांकि इस नेटवर्क को उन्होंने नहीं चुना है। डच गोपनीयता कानून के अनुसार सरकार व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं कर सकती है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय के एक सूत्र ने व्यक्ति की पहचान 41 वर्षीय जोनाथन जैकब मीजर के तौर पर की है। प्रवक्ता गेरिट-जेन क्लेनजान ने लिखा कि डोनर को हर क्लिनिक से समझौता कर लेना चाहिए कि वह अपने शुक्राणु का दान अन्य क्लिनिक में नहीं करेगा। उन्होंने कहा- "जिस व्यक्ति की बात हो रही है उसने भी यह समझौता किया था, लेकिन इसके बावजूद उसने अन्य बैंकों में दान किया जिसके परिणामस्वरूप 102 बच्चे हुए।"
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार व्यक्ति ने हमेशा ही क्लिनिक में झूठ बोला है। शुक्राणु दान के लिए वह जिस भी क्लिनिक में जाता था वहां वह यही कहता था कि इससे पहले उसने कहीं भी शुक्राणु दान नहीं दिया है। 2017 के रिपोर्ट के अनुसार व्यक्ति ने 2007 से 2017 के बीच अपने शुक्राणु से 102 बच्चों को जन्म दिया था। वहीं 2015 से 2018 के बीच उसने डेनमार्क में भी अपने शुक्राणुओं का दान किया है। यही नहीं सोशल मीडिया के लिए वह नीदरलैंड्स और विदेशों में भी अपना शुक्राणु का ऑफर देता था।
व्यक्ति के शुक्राणु दान पर आदालत के रोक लगाने के इस फैसले का डच डोनर चाइल्ड फाउंडेशन ने स्वागत किया। यूरोप में शुक्राणु दान के कई नियम है और यही जानकर वह व्यक्ति विदेशों में भी सक्रिय था।
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द हेग डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के मुताबिक, मीजर ने पहले से ही कई लोगों को शुक्राणुओं का दान करके कई बच्चों को जन्म दिया है। उसने अधिक शुक्राणु दान करने के अपने इरादे के बारे में भी झूठ बोला।
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शुक्राणु दान से रोकना बच्चों के हित में : कोर्ट
कोर्ट का फैसला डच डोनर चाइल्ड फाउंडेशन द्वारा मीजर पर मुकदमा दायर करने के बाद आया। अदालत ने बच्चों के लिए नकारात्मक मनोवैज्ञानिक नतीजों का हवाला दिया और कहा कि मीजर को शुक्राणु दान करने से रोकना बच्चों के सर्वोत्तम हित में है। इतने सारे जैविक सौतेले भाई-बहनों के साथ संबंध बनाना उनके लिए कठिन होगा और यह अनाचार की संभावना को बढ़ाता है।
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माता-पिता अब इस तथ्य का सामना कर रहे हैं कि सैकड़ो सौतेले भाई बहनों के साथ उनके बच्चे विशाल रिश्तेदारी नेटवर्क का हिस्सा बन चुके हैं। हालांकि इस नेटवर्क को उन्होंने नहीं चुना है। डच गोपनीयता कानून के अनुसार सरकार व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं कर सकती है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय के एक सूत्र ने व्यक्ति की पहचान 41 वर्षीय जोनाथन जैकब मीजर के तौर पर की है। प्रवक्ता गेरिट-जेन क्लेनजान ने लिखा कि डोनर को हर क्लिनिक से समझौता कर लेना चाहिए कि वह अपने शुक्राणु का दान अन्य क्लिनिक में नहीं करेगा। उन्होंने कहा- "जिस व्यक्ति की बात हो रही है उसने भी यह समझौता किया था, लेकिन इसके बावजूद उसने अन्य बैंकों में दान किया जिसके परिणामस्वरूप 102 बच्चे हुए।"
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार व्यक्ति ने हमेशा ही क्लिनिक में झूठ बोला है। शुक्राणु दान के लिए वह जिस भी क्लिनिक में जाता था वहां वह यही कहता था कि इससे पहले उसने कहीं भी शुक्राणु दान नहीं दिया है। 2017 के रिपोर्ट के अनुसार व्यक्ति ने 2007 से 2017 के बीच अपने शुक्राणु से 102 बच्चों को जन्म दिया था। वहीं 2015 से 2018 के बीच उसने डेनमार्क में भी अपने शुक्राणुओं का दान किया है। यही नहीं सोशल मीडिया के लिए वह नीदरलैंड्स और विदेशों में भी अपना शुक्राणु का ऑफर देता था।
व्यक्ति के शुक्राणु दान पर आदालत के रोक लगाने के इस फैसले का डच डोनर चाइल्ड फाउंडेशन ने स्वागत किया। यूरोप में शुक्राणु दान के कई नियम है और यही जानकर वह व्यक्ति विदेशों में भी सक्रिय था।