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नेपाल : छह जून को गठित होगी सुप्रीम कोर्ट की नई संविधान पीठ

Thu, 03 Jun 2021 02:18 PM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, काठमांडो
एजेंसी, काठमांडो Published by: Kuldeep Singh Updated Thu, 03 Jun 2021 02:18 PM IST
सार

नेपाल में प्रतिनिधि सभा भंग किए जाने को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट की नई संविधान पीठ छह जून को गठित की जाएगी। न्यायमूर्तियों के बीच मतभेद के कारण अहम सुनवाई में देरी होने के बाद प्रधान न्यायाधीश ने बुधवार को यह घोषणा की।

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Nepal supreme court new constitution bench will be constituted on June 6
nepal supreme court - फोटो : pti

विस्तार

प्रधान न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर राणा की ओर से यह घोषणा तब की गई जब न्यायमूर्ति दीपक कुमार कार्की और न्यायमूर्ति आनंद मोहन भट्टाराई ने प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली और सदन भंग करने के मामले में सुनवाई कर रही पांच सदस्यीय संविधान पीठ से खुद को बाहर कर लिया।

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‘हिमालयन टाइम्स’ ने खबर दी कि जब न्यायमूर्ति तेज बहादुर केसी और न्यायमूर्ति बाम कुमार श्रेष्ठ ने मामले से खुद को अलग करने से इनकार किया तो दोनों न्यायमूर्तियों ने पीठ से खुद को बाहर कर लिया। इससे पहले, सदन भंग करने संबंधी मामले को चुनौती दे रहे याचिकाकर्ताओं ने हितों के टकराव का हवाला देते हुए मांग की थी कि न्यायमूर्ति केसी और न्यायमूर्ति श्रेष्ठ खुद को मामले से अलग करें।
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अहम फैसलों में शामिल रहे श्रेष्ठ-केसी
न्यायमूर्ति बाम कुमार श्रेष्ठ उच्चतम न्यायालय की उस पीठ का हिस्सा रहे हैं जिसने सीपीएन-यूएमएल और सीपीएन-माओइस्ट सेंटर के एकीकरण को रद्द किया था। जबकि न्यायमूर्ति तेज बहादुर केसी उस पीठ मे थे जिसने सीपीएन-यूएमएल और सीपीएन-एमसी के एकीकरण को रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली पुनर्विचार याचिका को खारिज किया था।
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सुनवाई पर मतभेद
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को फैसला करना था कि दो सांविधानिक बेंच के न्यायमूर्ति तेज बहादुर केसी और बाम कुमार श्रेष्ठ को प्रतिनिधि सभा भंग करने के मामले में खुद को अलग करना चाहिए या नहीं। लेकिन मतभेद के चलते फैसला नहीं हुआ था। दोनों ने कहा, हमें इस मामले में सुनवाई से कोई अनुताप नहीं। लेकिन दो अन्य जज दीपक कुमार कार्की व आनंद मोहन भट्टाराई ने इन जजों का साथ नहीं दिया और सुनवाई टाल दी गई थी।

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