Indian Navy: चीन से बढ़ते तनाव के बीच नौसेना प्रमुख पहुंचे श्रीलंका, राष्ट्रपति विक्रमसिंघे से की मुलाकात
नौसेना प्रमुख ने राष्ट्रपति विक्रमसिंघे को भारतीय नौसेना और श्रीलंकाई नौसेना के बीच जारी द्विपक्षीय समुद्री संबंधों की प्रगति से अवगत कराया। अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच 9 दिसंबर को खूनी झड़प हुई है।
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चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरिकुमार सरकारी यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे। कोलंबो में उन्होंने राष्ट्रपति रॉनिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की।
नौसेना प्रमुख ने राष्ट्रपति विक्रमसिंघे को भारतीय नौसेना और श्रीलंकाई नौसेना के बीच जारी द्विपक्षीय समुद्री संबंधों की प्रगति से अवगत कराया।
Navy chief Adm R Hari Kumar on an official visit to Sri Lanka called on Sri Lankan President Ranil Wickremesinghe. The Navy chief apprised the President on the progress of ongoing bilateral maritime engagements between the Indian Navy and Sri Lankan Navy. pic.twitter.com/29Fagp1hZH
— ANI (@ANI) December 15, 2022विज्ञापन
श्रीलंका पहुंचा था चीनी पोत, भारत ने जताई थी चिंता
गौरतलब है कि अगस्त महीने में जब चीनी पोत ने श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर डेरा डाला था। तभी भारत ने श्रीलंका के सामने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि जहाज पर लगे ट्रैकिंग सिस्टम इस तटीय क्षेत्र में भारतीय सुरक्षा ढांचे की जानकारी जुटा सकते हैं। इसका इस्तेमाल चीन की सैन्य पनडुब्बियों व पोतों के लिए भी किया जा सकता है। चीन के इस पोत के कारण भारत और श्रीलंका के बीच राजनयिक विवाद पैदा हो गया था। भारत की आपत्तियों के बाद 22 अगस्त को चीनी पोत श्रीलंका के जलक्षेत्र से रवाना हो गया था।
तवांग सेक्टर में झड़प के बाद तनाव बढ़ा
अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच 9 दिसंबर को खूनी झड़प हुई है। इसमें भारत के छह जवान घायल बताए जा रहे हैं, जबकि चीन के 19 से ज्यादा सैनिकों को गंभीर चोटें लगी हैं। इस बीच सामने आया है कि तवांग सेक्टर के यांग्त्से में चीनी सेना ने यह दुस्साहस दिखाया, तब भारतीय सेना की तीन रेजीमेंट ने उन्हें खदेड़ा। इस झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।