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धरती के करीब से गुजरेगा प्लेन से भी बड़ा ऐस्टरॉइड, नासा को क्या नजर आया इसमें खास
Fri, 09 Oct 2020 08:46 AM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 09 Oct 2020 08:46 AM IST
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ऐस्टरॉइड (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पीटीआई
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अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA (नासा) के मुताबिक, प्लेन से भी बड़े आकार का एक Asteroid (ऐस्टरॉइड) 24,046 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धरती की ओर बढ़ रहा है। हालांकि नासा ने स्पष्ट किया है कि इस ऐस्टरॉइड से धरती को कोई नुकसान नहीं होगा।
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नासा ने अनुमान जताया है कि 500 मीटर चौड़ाई का यह ऐस्टरॉइड धरती और चांद के बीच की दूरी की 11 गुना ज्यादा दूरी यानी 2,378,482 मील की दूरी से निकल जाएगा। इसका मतलब है कि इससे धरती को कोई खतरा नहीं हैं। हालांकि, यह भविष्य में धरती के नजदीक आ सकता है। इसलिए वैज्ञानिक इसकी चाल पर नजर बनाए हुए हैं। इस ऐस्टरॉइड को वैज्ञानिकों ने सितंबर के महीने में पहली बार देखा था।
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ऐस्टरॉइड 2000 WO107 धरती के करीब से 29 नवंबर को निकलेगा। इसे टेलस्कोप से देखा भी जा सकता है। हालांकि, इसकी रफ्तार बहुत ज्यादा है और वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह 90,252 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से निकलेगा। यानी पल भर में यह आंखों से ओझल हो जाएगा।
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क्या है इसमें खास
इस ऐस्टरॉइड में वैज्ञानिकों की खास दिलचस्पी इसके विशाल आकार की वजह से है। इसे Aten Type ऐस्टरॉइड माना गया है यानी इसकी कक्षा धरती की जैसी है। आने वाले वक्त में यह धरती के और करीब आ भी सकता है। यह सूरज का एक चक्कर 318 दिन में पूरा करता है।
कौन करता है इनकी निगरानी
बता दें कि नासा का Sentry सिस्टम ऐसे खतरों पर अपनी पैनी निगाह बनाए रखता है। इसमे आने वाले 100 सालों के लिए फिलहाल 22 ऐसे ऐस्टरॉइड्स हैं जिनके धरती से टकराने की थोड़ी सी भी संभावना है। इसमें आने वाले 100 सालों के लिए फिलहाल 22 ऐसे ऐस्टरॉइड्स हैं जिनके पृथ्वी से टकराने की थोड़ी सी भी संभावना है। इस लिस्ट में सबसे पहला और सबसे बड़ा ऐस्टरॉइड 29075 (1950 DA) जो 2880 तक नहीं आने वाला है। इसका आकार अमेरिका की एम्पायर स्टेट बिल्डिंग से भी तीन गुना अधिक है। माना जाता था कि पृथ्वी से टकराने की इसकी संभावना सबसे ज्यादा है।
2020-2025 के बीच 2018 VP1 नाम Asteroid के पृथ्वी से टकराने की संभावना है लेकिन यह सिर्फ 7 फीट चौड़ा है। इससे बड़ा 177 फीट का Asteroid 2005 ED224 साल 2023-2064 के बीच पृथ्वी से टकरा सकता है।
ऐस्टरॉइड्स क्या हैं
करीब 4.5 अरब साल पहले जब हमारा सोलर सिस्टम बना था, तब गैस और धूल के ऐसे बादल जो किसी ग्रह का आकार नहीं ले पाए और पीछे छूट गए, वही इन चट्टानों यानी ऐस्टरॉइड्स में तब्दील हो गए।
दरअसल ऐस्टरॉइड्स वे चट्टानें होती हैं जो किसी ग्रह की तरह ही सूरज के चक्कर काटती हैं लेकिन इनका आकार में ग्रहों की तुलना में काफी छोटी होता है। हमारे सोलर सिस्टम में ज्यादातर ऐस्टरॉइड्स मंगल ग्रह और बृहस्पति की कक्षा में स्थित ऐस्टरॉइड बेल्ट में पाए जाते हैं। इसके अलावा भी ये दूसरे ग्रहों की कक्षा में घूमते रहते हैं।