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हागिया सोफिया: 1500 वर्ष पुराने चर्च में 86 साल बाद अदा की गई नमाज
Sat, 25 Jul 2020 06:02 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्तांबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्तांबुल
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 25 Jul 2020 06:02 AM IST
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हागिया सोफिया मस्जिद
- फोटो : Insta : hagiasophiamuseum
तुर्की में ऐतिहासिक चर्च रह चुकी 1500 वर्ष पुरानी इमारत हागिया सोफिया को मस्जिद में तब्दील करने के बाद शुक्रवार को पहली बार यहां जुमे की नमाज अदा की गई। इस दौरान हजारों नमाजियों के साथ तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगॉन भी मौजूद रहे।
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उन्होंने ईसाई और मुस्लिमों के प्रतिष्ठित इस स्मारक को 86 वर्ष बाद एक बार फिर से मस्जिद बनाने का एलान हाल ही में किया था। देश में फैली महामारी के चलते एर्दोगॉन समेत उनके शीर्ष मंत्री एहतियातन सफेद रंग के मास्क पहने हुए थे।
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समारोह की शुरुआत नीले कालीनों पर की गई जो प्राचीन स्मारक में मुस्लिम नमाज की वापसी का प्रतीक है। यहां आसपास काफी भीड़ देखी गई। इस बीच, यूनान और अमेरिका में रूढ़िवादी चर्च के नेता इसे एक शोक दिवस के रूप में मनाया।
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अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं को खारिज करते हुए, एर्दोगन ने इस महीने की शुरुआत में इस प्रतिष्ठित इमारत को एक मस्जिद के रूप में तब्दील करने का एक फरमान जारी किया, जिसके कुछ ही समय बाद तुर्की के एक उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि आठ दशक पहले हागिया सोफिया को अवैध रूप से एक संग्रहालय बनाया गया था। इसका नाम बदलकर 'द ग्रैंड हागिया सोफिया मस्जिद' कर दिया गया है।
इस कदम से ग्रीस, अमेरिका समेत कई देशों व चर्चों में नाराजगी है जिन्होंने एर्दोगन को इस्तांबुल की बहु-धार्मिक विरासत और ईसाई तथा मुस्लिम एकता के प्रतीक के रूप में इसे संग्रहालय के रूप में बनाए रखने की अपील की है। पोप फ्रांसिस ने भी इसको लेकर दुख व्यक्त किया है।