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अमेरिका में फैल रही फेफड़ों की रहस्यमयी बीमारी, अब तक 100 संदिग्ध मामले सामने आए
Sat, 17 Aug 2019 10:51 AM IST
शिल्पा ठाकुर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Sat, 17 Aug 2019 10:51 AM IST
सार
- अमेरिका में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के सभी अधिकारी एक रहस्यमी फेफड़ों की बीमारी की जांच कर रहे हैं।
- ये संदिग्ध बीमारी अभी 14 राज्यों में लोगों को हुई है।
- चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि यह स्पष्ट तौर पर नहीं कह सकते कि मरीज कब पूरी तरह ठीक होंगे।
- इस बीमारी के लक्षण हैं, सांस लेने में तकलीफ होना, सांस में कमी और सीने में दर्द होना।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : File Photo
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विस्तार
अमेरिका में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के सभी अधिकारी एक रहस्यमी फेफड़ों की बीमारी की जांच कर रहे हैं, जिसके अभी तक करीब 100 मामले सामने आ चुके हैं। ये संदिग्ध बीमारी अभी 14 राज्यों में लोगों को हुई है। कहा जा रहा है कि ये वेपिंग और ई-सिगरेट के कारण हो रही है। जिसकी चपेट में अधिकतर युवा और युवावस्था में कदम रखने वाले आ रहे हैं। बड़ी संख्या में इस बीमारी से पीड़ित लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से कुछ इंटेंसिव यूनिट में हैं, जबकि कुछ को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
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अधिकारियों का कहना है कि 31 मामलों की पुष्टि शुक्रवार को ही हुई है। कई मामलों में अभी भी जांच की जा रही है। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि यह स्पष्ट तौर पर नहीं कह सकते कि मरीज कब पूरी तरह ठीक होंगे। अधिकारियों ने चिकित्सकों और लोगों को सचेत रहने को कहा है। उनका कहना है कि यह एक बेहद खतरनाक फेफड़ों की बीमारी है।
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इस बीमारी के लक्षण हैं, सांस लेने में तकलीफ होना, सांस में कमी और सीने में दर्द होना। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मरीजों को बुखार, खांसी, उल्टी और दस्त की भी शिकायत आई है। सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (सीडीसी) और प्रिवेंशन ने शुक्रवार को कहा कि अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के साथ पांच राज्यों में जिन मामलों की पुष्टि हो गई है, उनपर काम कर रहे हैं। ये पांच राज्य कैलिफोर्निया, इंडियाना, मिनेसोटा, इलियोनिस और विस्कोंसिन हैं।
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ताकि इस बीमारी का असल कारण पता चल जाए। हाल के हफ्तों में युवाओं के बीच "ई-सिगरेट के उपयोग से जुड़ी ऐसी कई फेकड़ों से संबंधित बीमारियां फैल रही हैं"। शुक्रवार से सीडीसी के अधिकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर 14 राज्यों के 94 मामलों की जांच कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर मामले समान हैं। अब ये पता नहीं चल पा रहा है कि ये बीमारी ई-सिगरेट के डिवाइस से हो रही है या उसमें भरे जाने वाले उत्पादों के कारण हो रही है। लेकिन जिन मरीजों से बातचीत की जा रही है कि उनका कहना है कि वह विभिन्न तरह की ई-सिगरेट का सेवन करते हैं।
जिसमें निकोटिन, गांजे से संबंधित उत्पाद आदि शामिल हैं। हालांकि अधिकारियों ने चिकित्सकों और लोगों को सचेत रहने को कहा है। साथ ही देशभर के स्वास्थ्य विभाग के लिए भी चेतावनी जारी कर दी है। अमेरिका में ई-सिगरेट का चलन बढ़ता जा रहा है। वो भी ऐसे समय में जब इसके लंबे समय तक पड़ने वाले प्रभावों पर कोई अनुसंधान ही नहीं हुआ है।