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असर: कोरोना महामारी से दुनियाभर में 15 लाख से अधिक बच्चे हुए अनाथ
Thu, 22 Jul 2021 07:03 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, वाशिंगटन
एजेंसी, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 22 Jul 2021 07:03 AM IST
सार
- भारत में 25,500 बच्चों ने मां, 90,751 ने पिता को महामारी में खोया
- 10.42 लाख बच्चों के मां-पिता या दोनों की कोरोना ने ली जान
- अफ्रीका, पेरू, अमेरिका, भारत, ब्राजील और मैक्सिको में सबसे अधिक बच्चे हुए अनाथ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
कोरोना वायरस ने लाखों की संख्या में बच्चों को अनाथ कर दिया है। लैंसेट में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार महामारी के पहले 14 महीने में दुनिया के 21 देशों में 15.62 लाख बच्चों के सिर से मां या पिता या दोनों का साया उठ गया है। इनमें से 1,16,263 बच्चे भारत के भी हैं जिन्हें अब माता-पिता का प्यार कभी नसीब नहीं होगा।
25,500 बच्चों ने मां, 90,751 ने पिता तो 12 ने दोनों को गंवाए
अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन ड्रग एब्यूज (एनआईडीए) की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 25,500 बच्चों ने मां, 90,751 ने पिता जबकि बारह बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों को कोरोना महामारी के कारण खो दिया।
अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के वैज्ञानिकों का शोध
शोध में अनुमान लगाया गया है कि दुनियाभर में 11.34 लाख बच्चों ने अपने अभिभावकों या उनकी देखरेख करने वाले दादा-दादी को कोरोना वायरस के कारणा खोया है। रिपोर्ट के अनुसार इसमें से 10.42 लाख बच्चों ने मां-पिता या दोनों को खोया है। अधिकतर बच्चों ने या तो मां या पिता को खोया है, दोनों अभिभावक खोने वाले बच्चों की संख्या कम है। शोध में ये भी पता चला है कि महिलाओं की तुलना में हर देश में पुरुषों की मौत अधिक हुई है।
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छह देशों में अधिक बच्चे अनाथ
एनआईएच की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण अफ्रीका, पेरू, अमेरिका, भारत, ब्राजील और मैक्सिको में सबसे अधिक बच्चे अनाथ हुए हैं। भारत को लेकर किए गए सर्वे में ये भी पता चला है कि 2,898 बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने अपने उन दादा-दादी को खो दिया जो उनकी देखरेख और लालन पोषण करते थे।
वहीं नौ बच्चे ऐसे भी थे जिन्होंने अपनी देखरेख करने वाले अभिभावकों को महामारी में खोया है। हालांकि भारत में प्रति एक हजार बच्चों में से 0.5 फीसदी ने अपने अभिभावकों को खोया है। पेरू में 14.1, दक्षिण अफ्रीका 6.4, ब्राजील 3.5, रूस 2.0 जबकि अमेरिका में 1.8 फीसदी बच्चों ने अपने अभिभावकों को खोया है। एनआईडीए की निदेशक नोरा डी वॉलकोव का कहना है कि महामारी के कारण अपने अभिभावकों को खोने वाले बच्चों में नशे की लत बढ़ सकती है।
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25,500 बच्चों ने मां, 90,751 ने पिता तो 12 ने दोनों को गंवाए
अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन ड्रग एब्यूज (एनआईडीए) की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 25,500 बच्चों ने मां, 90,751 ने पिता जबकि बारह बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों को कोरोना महामारी के कारण खो दिया।
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अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के वैज्ञानिकों का शोध
शोध में अनुमान लगाया गया है कि दुनियाभर में 11.34 लाख बच्चों ने अपने अभिभावकों या उनकी देखरेख करने वाले दादा-दादी को कोरोना वायरस के कारणा खोया है। रिपोर्ट के अनुसार इसमें से 10.42 लाख बच्चों ने मां-पिता या दोनों को खोया है। अधिकतर बच्चों ने या तो मां या पिता को खोया है, दोनों अभिभावक खोने वाले बच्चों की संख्या कम है। शोध में ये भी पता चला है कि महिलाओं की तुलना में हर देश में पुरुषों की मौत अधिक हुई है।
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छह देशों में अधिक बच्चे अनाथ
एनआईएच की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण अफ्रीका, पेरू, अमेरिका, भारत, ब्राजील और मैक्सिको में सबसे अधिक बच्चे अनाथ हुए हैं। भारत को लेकर किए गए सर्वे में ये भी पता चला है कि 2,898 बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने अपने उन दादा-दादी को खो दिया जो उनकी देखरेख और लालन पोषण करते थे।
वहीं नौ बच्चे ऐसे भी थे जिन्होंने अपनी देखरेख करने वाले अभिभावकों को महामारी में खोया है। हालांकि भारत में प्रति एक हजार बच्चों में से 0.5 फीसदी ने अपने अभिभावकों को खोया है। पेरू में 14.1, दक्षिण अफ्रीका 6.4, ब्राजील 3.5, रूस 2.0 जबकि अमेरिका में 1.8 फीसदी बच्चों ने अपने अभिभावकों को खोया है। एनआईडीए की निदेशक नोरा डी वॉलकोव का कहना है कि महामारी के कारण अपने अभिभावकों को खोने वाले बच्चों में नशे की लत बढ़ सकती है।