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भारत ने इमरान खान को किया आगाह, पाक पर अभी भी मंडरा रहा 'ब्लैक लिस्ट' का खतरा
Sat, 22 Jun 2019 04:32 PM IST
गौरव द्विवेदी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sat, 22 Jun 2019 04:32 PM IST
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इमरान खान, नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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चीन की मदद से राहत महसूस कर रहे पाकिस्तान को भारत ने कड़ी चेतावनी दी है। भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाया है कि उसे फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे सूची से बचने के लिए क्या करना है। भारत ने पाक पीएम इमरान खान को आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने को कहा है। भारत ने कहा कि वह पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ जल्द कार्रवाई चाहता है। आतंकी वित्त पोषण संबंधी वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए भारत ने पाकिस्तान को सितंबर तक प्रभावी कदम उठाने को कहा है।
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इससे पहले आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान किसी तरह फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के तीन सदस्यों चीन, तुर्की और मलयेशिया का साथ तो पा गया है, लेकिन अब भी उसके ऊपर से संकट के बादल छंटे नहीं हैं। पाकिस्तान एफएटीएफ के सदस्य देशों से समर्थन के लिए लगातार कूटनीतिक कोशिशें कर रहा था।
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मीडिया के सवालों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि एफएटीएफ ने तय किया है कि पाकिस्तान की असफलता के मद्देनजर उसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह (आईसीआरजी) की 'ग्रे सूची' में रहने दिया जाए।
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उन्होंने कहा, 'हम पाकिस्तान से आशा करते हैं कि वह बचे हुए समय में, सितंबर 2019 तक एफएटीएफ कार्ययोजना को पूर्ण और प्रभावी तरीके से लागू करेगा। उसने एफएटीएफ से राजनीतिक वादा किया था कि वह अपनी धरती से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद और आतंकी वित्त पोषण संबंधी वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस, सत्यापन योग्य, अपरिवर्तनीय और विश्वसनीय कदम उठाएगा।
ब्लैकलिस्ट होने से बचने के लिए कम से कम तीन सदस्य देशों का समर्थन मिलना जरूरी है। तुर्की एकमात्र ऐसा देश था जो अमेरिका और ब्रिटेन के समर्थन से भारत के लाए गए इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध कर रहा था।
शुरू से ही एफएटीएफ और एशिया पैसिफिक ग्रुप के संयुक्त समूह का सदस्य देश भारत चाहता था कि पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट में शामिल किया जाए। क्योंकि अब तक पाकिस्तान वित्तीय अपराध और आतंकी संगठनों की फंडिंग रोकने में असफल रहा है।