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जापान में लचर इंतजाम : छह कोरोना संक्रमितों का हो गया टोक्यो में प्रवेश
Fri, 02 Jul 2021 03:24 PM IST
देवेश शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
Published by: देवेश शर्मा
Updated Fri, 02 Jul 2021 03:24 PM IST
सार
अब ओलिंपिक आयोजन से संबंधित और भी सख्त नियम यहां लागू किए जा रहे हैं। लेकिन इससे यहां पहले अपनाए गए उपायों को लेकर नए सवाल भी खड़े हो गए हैं।
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कोरोना डेल्टा प्लस वैरिएंट
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
खबरों के मुताबिक ओलिंपिक खेलों के लिए आ रही टीमों के साथ गुजरे समय में कम से कम छह कोरोना संक्रमित लोगों का टोक्यो में प्रवेश हो गया। वे लोग यहां तुरंत क्वांरटीन में नहीं भेजे जा सके। ये जानकारी सामने आने के बाद अब ओलिंपिक आयोजन से संबंधित और भी सख्त नियम यहां लागू किए जा रहे हैं। लेकिन इससे यहां पहले अपनाए गए उपायों को लेकर नए सवाल भी खड़े हो गए हैं।
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विपक्षी दलों की मांग पर जापान सरकार ने गुरुवार को ये जानकारी दी कि कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित छह लोग टोक्यो आ गए। दो ऐसे पिछले दिनों व्यक्ति युगांडा की टीम के साथ आए। जून में ही ऐसा एक व्यक्ति घाना की टीम के साथ आया। उसके पहले फरवरी में फ्रांस, अप्रैल में मिस्र, और मई में श्रीलंका के दलों के साथ संक्रमित लोग यहां आ गए। ऐसे लोगों को रोकने के लागू किए गए उपाय उनकी पहचान करने और उन्हें क्वारंटीन में भेजने में नाकाम रहे।
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आधिकारिक जानकारी के मुताबिक युगांडा का एक कोच टोक्यो पहुंचने के बाद कोरोना पॉजिटिव पाया गया। उसे उस टीम के बाकी नौ सदस्यों से अलग-थलग कर दिया गया। लेकिन टीम का एक दूसरा सदस्य भी बाद में संक्रमित पाया गया।
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जापान की संसद के ऊपरी सदन में सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य मासाहिता सातो ने बताया कि युगांडा के संक्रमित पाए गए सदस्य ने उसी विमान से यात्रा की थी, जिसमें कतर के 80 लोग भी थे। बाद में उन लोगों में से एक व्यक्ति उसी वैरिएंट से संक्रमित पाया गया, जिससे युगांडा की टीम का सदस्य संक्रमित हुआ था। सत्ताधारी की एक बैठक में सातो ने संक्रमित लोगों को आइसोलेट करने में हुई देर पर गहरी चिंता जताई।
बुधवार को जापान सरकार ने उन देशों से आने वाली टीमों के लिए अलग नियम लागू करने का एलान किया था, जहां डेल्टा वैरिएंट फैला हुआ है। उन देशों की टीमों के सदस्यों की अधिक सख्ती से जांच की जाएगी। साथ ही नगर निगमों से कहा है कि वे आने वाली टीमों के स्वागत के समय कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के उपायों को सख्ती से लागू करें। लेकिन यहां आने वाली कई टीमें लागू किए गए नए नियमों को लेकर सहज नहीं हैं।
नए लागू किए गए नियमों पर भारतीय ओलिंपिक संघ ने कड़ा विरोध जताया है। उसने इन नियमों को अनुचित और भेदभाव से भरा बताते हुए कहा है कि इससे भारतीय खिलाड़ियों पर खराब असर पड़ेगा। नए नियमों के तहत कहा गया है कि डेल्टा वैरिएंट से प्रभावित देशों से आने वाले खिलाड़ियों को रवाना होने से पहले लगातार पांच दिन तक आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना होगा।
जापान पहुंचने के बाद उन्हें तीन दिन तक सबसे अलग-थलग रखा जाएगा। यह नियम भी लागू किया गया है कि किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों को मेजबान शहर में आइसोलेट कर दिया जाएगा। ऐसे खिलाड़ियों को ट्रेनिंग की अलग सुविधा दी जाएगी।
ओलिंपिक खेल 23 जुलाई से शुरू हो रहे हैं। ये 8 अगस्त तक चलेंगे। जापान में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ये आयोजन कोरोना वायरस संक्रमण का सुपर-स्प्रेडर साबित हो सकता है। यहां सबसे ज्यादा चिंता डेल्टा वैरिएंट को लेकर है। इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि 85 देशों में ये वैरिएंट फैल चुका है। इसे देखते हुए जानकारों का कहना है कि ओलिंपिक आयोजन संबंधी जोखिम अब और ज्यादा बढ़ गया है।