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अमेरिका के लिए भारत महत्वपूर्ण साझेदार, चीन को दिया है करारा जवाब : माइक पोम्पियो

Wed, 15 Jul 2020 10:51 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 15 Jul 2020 10:51 PM IST
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Mike Pompeo says that India is an important partner for America
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने इस प्रश्न पर कि क्या क्या अमेरिका भारत को एक बढ़ते हुए महत्वपूर्ण सैन्य और व्यापार साझेदार के रूप में देखता है, कहा कि मेरे समकक्ष (एस जयशंकर) के साथ अच्छे संबंध हैं, हमने कई मुद्दों पर व्यापक बात की है। हमने उस विवाद पर भी बात की है जो सीमा पर चीन के साथ है। 

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एक कार्यक्रम में अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, आपने देखा कि उन्होंने (भारत) अपने देश में मोबाइल फोन के कई चीनी सॉफ्टवेयर पर प्रतिबंध लगाया। पूरी दुनिया इस चुनौती के खिलाफ एकजुट हो रही है जिसका सामना हम लोकतंत्र में करते हैं कि दुनिया के मुक्त राष्ट्र इन चुनौतियों को मिल कर पीछे करेंगे।' बता दें कि हाल ही में चीन के साथ सीमा विवाद के बाद भारत ने चीन के 59 एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था।
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भारत ने चीन को बेहतरीन जवाब दिया : पोम्पियो

इससे पहले भारत-चीन विवाद को लेकर पोम्पियो ने कहा था कि चीन की अत्यंत आक्रामक गतिविधियों का भारतीयों ने सर्वश्रेष्ठ तरीके से जवाब दिया है। उन्होंने कहा था कि चीन की क्षेत्रीय विवादों को उकसाने की प्रवृत्ति रही है और दुनिया को यह धौंस चलने नहीं देनी चाहिए। पोम्पियो ने कहा था, ‘मैंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस के बारे में कई बार बात की है। चीन ने अत्यंत आक्रामक गतिविधियां संचालित की हैं। भारतीयों ने उनका जवाब भी सर्वश्रेष्ठ तरीके से दिया है।’

दक्षिण चीन सागर पर भी चीन के खिलाफ रुख

अमेरिकी विदेश मंत्री खुले तौर पर चीन के विरोध में बयान देते आ रहे हैं। पहले कोरोना वायरस को लेकर उन्होंने और राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन की आलोचना की जो अभी भी जारी है। इसके साथ ही दक्षिण चीन सागर में चीन के प्रभुत्व पर भी वह सवाल उठाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि दुनिया रणनीतिक रूप से अहम दक्षिण चीन सागर को चीन के समुद्री साम्राज्य के तौर इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा।

ट्रंप कर चुके हैं चीन से बात करने से इनकार

अमेरिका और चीन में विभिन्न मुद्दों पर वाक् युद्ध के बीच ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत की उनकी कोई योजना नहीं है। ट्रंप ने एक संवाददाता सम्मेलन में एक पत्रकार के सवाल के जवाब में कहा था, मैंने उनसे बात नहीं की है। उनसे बात करने की मेरी कोई योजना नहीं है।


इस दौरान कोरोना वायरस को लेकर ट्रंप ने एक बार फिर चीन पर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा, इसमें कोई दो राय नहीं है कि हम संक्रमण को छिपाने और इसे दुनियाभर में फैलाने के लिए चीन को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हैं। इसे रोका जा सकता था। उन्हें इसे रोकना चाहिए था।

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