45 साल बाद बिल गेट्स ने निदेशक मंडल भी छोड़ा, अब करेंगे सिर्फ समाज सेवा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने घोषणा की है कि सह-संस्थापक बिल गेट्स ने कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर (निदेशक मंडल) छोड़ दिया है। 64 वर्षीय गेट्स अब अपना पूरा समय परोपकार संबंधी कामों में खर्च करेंगे। इनमें शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए वह ज्यादा काम करना चाहते हैं और इसीलिए वे जिम्मेदारी से मुक्त हो रहे हैं।
हालांकि कंपनी ने बताया कि बिल गेट्स माइक्रोसॉफ्ट के भारतवंशी सीईओ सत्या नडेला के साथ तकनीकी सलाहकार के रूप में काम करते रहेंगे। बता दें कि बिल गेट्स ने एक दशक पहले से ही कंपनी के रोजाना के कार्यों में शामिल होना बंद कर दिया था। लेकिन वह निदेशक मंडल में शामिल थे जिसके चलते शिक्षा, स्वास्थ्य और वैश्विक विकास पर अपनी इच्छा के अनुरूप समय नहीं दे पा रहे थे।
कंपनी ने बताया, अब वे जलवायु परिवर्तन पर भी काम करना चाहते हैं इसलिए उन्होंने कंपनी के निदेशक मंडल से इस्तीफा देने का फैसला किया। गेट्स के इस्तीफे के बाद माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्या नडेला समेत कंपनी के बोर्ड में अब 12 सदस्य बचे हैं। उन्होंने 1975 में पॉल अलेन के साथ मिलकर यह कंपनी बनाई थी जिनके लिए बिल गेट्स ने वर्ष 2000 तक सीईओ के बतौर सेवाएं दी थीं।
गेट्स के साथ काम करना सम्मान की बात : नडेला
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने कहा, इतने सालों तक बिल गेट्स के साथ काम करना और सीखना बेहद सम्मान और विशेषाधिकार की बात है। गेट्स ने कंपनी की स्थापना सॉफ्टवेयर के जरिए लोगों की परेशानी दूर करने के मकसद से की थी और इस लक्ष्य को पूरा करने की तरफ हम काम करते रहेंगे। नडेला ने कहा, मैं गेट्स की मित्रता का आभारी हूं और उनके साथ आगे भी काम करते रहना चाहूंगा।
सत्या नडेला को सीईओ बनाकर छोड़ा चेयरमैन पद
गेट्स ने साल 2000 में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ पद से इस्तीफा दिया था और कंपनी की कमान स्टीव बाल्मर को दी। साथ ही गेट्स ने साल 2014 में सत्या नडेला के माइक्रोसॉफ्ट का सीईओ के बनने के बाद ही चेयरमैन का पद भी छोड़ दिया। बिल गेट्स का नाम दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में नियमित तौर पर रहता है। बताया जाता है कि 13 साल की उम्र से ही उन्होंने प्रोग्रामिंग शुरू कर दी थी।