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बार-बार बच रहा भगोड़ा: मेहुल का नया पैंतरा, मानसिक तनाव का कारण बता सुनवाई में नहीं पहुंचा
Wed, 16 Jun 2021 03:51 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, डोमिनिका।
एजेंसी, डोमिनिका।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 16 Jun 2021 03:51 AM IST
सार
मेहुल के वकील ने कोर्ट में एक मेडिकल सर्टिफिकेट पेश किया जिसमें दावा किया गया कि उसे उच्च रक्तचाप की समस्या है और मानसिक तनाव भी जिस कारण वह कोर्ट की सुनवाई में पेश नहीं हो सकता
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Mehul Choksi
- फोटो : ANI
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विस्तार
पीएनबी से 14 हजार करोड़ की धोखाधड़ी में भगोड़ा घोषित हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने प्रत्यर्पण से बचने के लिए नया पैंतरा अपनाया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट में अवैध प्रवेश मामले की सुनवाई में सोमवार को मेहुल मानसिक तनाव का कारण बताकर पेश नहीं हुआ। वहीं सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के वकीलों में भारत की वकील हरप्रीत गियाना भी शामिल हुईं।
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मेहुल का पिछले दो सप्ताह से फ्रेंडशिप अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके बाद मुख्य मजिस्ट्रेट केरेट जॉर्ज ने मेहुल को 17 जून को आगे की रिमांड के लिए पेश करने का आदेश दिया। कोर्ट अब 25 जून को इस मामले में सुनवाई करेगा।
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ब्रिटेन में मेहुल के वकील बोले, भारतीय पक्ष का सुनवाई में शामिल होना दुर्भाग्यपूर्ण
मेहुल के ब्रिटेन में वकील माइकल पोलाक ने डोमिनिकन कोर्ट की सुनवाई में भारतीय पक्ष के शामिल होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। इससे साफ होता है कि चोकसी को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के डोमिनिका से सीधे भारत को सौंपने की योजना थी।
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पोलाक ने कहा, चोकसी के खिलाफ बहुत प्रोपेगेंडा बनाया गया है। उसे कई दिनों तक वकीलों से भी दूर रखा गया। मौजूदा हालात से साफ दिख रहा है कि भारत किसी भी तरह चोकसी को हासिल करना चाहता है। एंटीगुआ में उसके भारत प्रत्यर्पण का मामला विचाराधीन है।
इस मामले में सुनवाई 5 से 6 वर्ष तक चल सकती है। हम एंटीगुआ की पुलिस से मामले की रिपेार्ट मांग रहे हैं मगर दी नहीं जा रही। उन्होंने कहा, मेहुल के पास एंटीगुआ की नागरिकता है और उनके पास सभी अधिकार हैं। इसमें एंटीगुआ के प्रधानमंत्री कोई फैसला नहीं ले सकते, यह एक कानूनी मामला है।