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कश्मीर वाले बयान पर अड़े मलयेशिया के पीएम- जो मेरे दिमाग में होता है बोलता हूं, पीछे नहीं हटता
Tue, 22 Oct 2019 08:31 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 22 Oct 2019 08:31 PM IST
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मलयेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद (फाइल फोटो)
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मलयेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद को अपने कश्मीर वाले बयान पर कोई पछतावा नहीं है। मंगलवार को महातिर ने कहा कि मैं कश्मीर पर अपनी टिप्पणी के साथ खड़ा हूं, मैं अपने मन की बात कहता हूं और पीछे नहीं हटता। भारत ने महातिर के बयान पर खेद जताया था।
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संसद में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मलयेशिया के प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने महसूस किया है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव से कश्मीर के लोगों को फायदा हुआ है, हम सभी को इसको मानना चाहिए। भारत और पाकिस्तान ही नहीं बल्कि अमेरिका और दूसरे देशों को भी इसका पालन करना चाहिए।
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महातिर मोहम्मद ने आगे कहा, जो मेरे दिमाग में होता है मैं वो बोलता हूं और मैं इससे पीछे नहीं हटता और न ही बदलता हूं।
संयुक्त राष्ट्र में महातिर मोहम्मद ने अपने भाषण में कहा था कि भारत ने यूएन रेजॉलूशन के बाद भी कश्मीर पर जबरन कब्जा कर लिया है। अपने बयान को महातिर ने ट्वीटर पर पोस्ट किया जिसके बाद यूजर्स ने उनको जमकर लताड़ लगाई थी।
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कश्मीर का जिक्र करते हुए उन्होंने ट्वीट किया था कि दुनिया म्यांमार में रोहिंग्याओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने में नाकाम रही, जिसके कारण यूएन रेजॉलूशन के सम्मान में कमी आई है। अब, जम्मू और कश्मीर पर यूएन रेजॉलूशन के बाद भी, एक देश (भारत) ने इस पर जबरन कब्जा जमा लिया है।
एक और ट्वीट में उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में कुछ परेशानी हो सकती है, लेकिन इसका समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। भारत और पाकिस्तान को मिलकर इसका समाधान ढूंढना चाहिए।