2014 में लापता हुए मलेशियाई विमान मामले में नया मोड़, अंतिम वक्त तक पायलट के कंट्रोल में था विमान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आठ मार्च 2014 को लापता हुए मलेशियाई एयरलाइंस के विमान एमएच370 के मामले में फ्रांस के जांचकर्ताओं ने चौंकाने वाली जानकारी दी है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जांचकर्ताओं को महत्वपूर्ण फ्लाइट डाटा मिल गया है। इससे पता चला है कि विमान अंतिम समय तक पायलट के कंट्रोल में था। बता दें कि विमान कुआलालंपुर से बीजिंग जाते वक्त लापता हो गया था, इसमें 239 यात्री सवार थे। रूस एक मात्र देश है जो अब तक इस घटना की न्यायिक जांच कर रहा है।
इस तथ्य के सामने आने के बाद से इस बात की आशंका गहरा गई है कि पायलट ने आत्मघाती कदम उठाते हुए विमान को समुद्र में गिरा दिया। अब नई थ्योरी के बारे में विचार किया जा रहा है जिसके मुताबिक माना जा रहा है कि पायलट तनाव में होगा जिस कारण उसने विमान को समुद्र में गिरा दिया।
हालांकि, दुनिया की सबसे रहस्यमयी विमान संबंधी घटना बन चुके इस मामले में मलेशियाई सरकार पहले से ही पायलट का हाथ होने की बात का खंडन करती रही है। इस बारे में अंतिम आधिकारिक रिपोर्ट पिछले साल जुलाई में बनाई गई थी। 495 पन्नों की इस रिपोर्ट में लिखा था कि हो सकता है कि विमान के कंट्रोल में गड़बड़ी की गई हो।
फ्रांस अब तक कर रहा जांच
इस विमान में तीन यात्री फ्रांस के नागरिक थे। इस वजह से फ्रांस इस मामले की अभी तक जांच कर रहा है। विमान में फ्रांस की एक महिला और इसके दो बच्चे सवार थे। महिला के पति घिसलेन वात्रेलोस इंजीनियर हैं। उन्होंने बुधवार को जजों से मुलाकात की थी। फ्रांस के अखबार ले पेरिसिएन के मुताबिक बोइंग ने फ्रांस को विमान के महत्वपूर्ण फ्लाइट डाटा एक्सेस करने की अनुमति दे दी थी।
वादी के वकील मैरी दोस ने कहा, 'पूरे डाटा की जांच करने में अभी तकरीबन एक साल का समय लगेगा, ऐसा कुछ भी नहीं है जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि इस घटना में पायलट का हाथ था।' हालांकि, ले पेरिसिएन के मुताबिक फ्रांस के जांचकर्ताओं ने कहा है कि डाटा से मिली जानकारी के इस बात को पुख्ता कर रही है कि जब विमान हिंद महासागर में डूबा तब कंट्रोल स्टिक किसी के हाथ में थी।