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दुनिया में सबसे ज्यादा भूकंप और सुनामी इंडोनेशिया में ही क्यों आते हैं? यहां जानें

Thu, 27 Dec 2018 11:56 AM IST
Shilpa Thakur वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Thu, 27 Dec 2018 11:56 AM IST
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सार
  • भूकंप और ज्वालामुखी से सुनामी।
  • सबसे ज्यादा प्राकृतिक आपदाओं वाला देश।
  • इंडोनेशिया में सबसे अधिक तबाही।
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Know why Earthquake and Tsunami mostly hits Indonesia
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विस्तार

इंडोनेशिया में अनक क्राकाताओ ज्वालामुखी फटने के बाद आई भयंकर सुनामी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 429 पर पहुंच गई है। जबकि 1459 लोग घायल हो गए हैं। वहीं 128 लोग लापता हैं। इस बार ही नहीं बल्कि पहले भी यहां सुनामी का कारण ज्वालामुखी ही बनी थी। 2004 में यहां आई सुनामी से दुनिया के 14 देश प्रभावित हुए थे, जिसमें से एक भारत भी था। साल 1883 में भी ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था, जिसके बाद क्राकाटाओ ज्वालामुखीय द्वीप अस्तित्व में आया। चलिए बात करते हैं सुनामी के कारणों के बारे में।



इसलिए आई सुनामी 

इंडोनेशिया में इस बार जो सुनामी आई है वह सुंडा जलसंधि के तट पर आई। जिसका कारण अनक क्राकाटाओ की संतान कहे जाने वाली ज्वालामुखी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस द्वीप का निर्माण क्राकाटाओ ज्वालामुखी के लावा से हुआ था। सुंडा खाड़ी इंडोनेशिया के जावा और सुमात्रा के बीच है। जो जावा समुद्र को हिंद महासागर से जोड़ती है। 


क्या है सुनामी? 

सुनामी के कारण तेज बहाव के साथ पानी आसपास की जगह को पूरा डुबा देता है। यह समुद्र के अंदर अचानक आई तेज हलचल के कारण आती है। जिससे उफान उठने लगता है। उफान उठने के बाद लंबी और बेहद ऊंची लहरों का रेला तेज आवेग के साथ आगे की ओर बढ़ता है। लहरों के इसी रेले को सुनामी कहा जाता है। सुनामी एक जापानी शब्द है, जो सु और नामी दो शब्दों से मिलकर बना है। सु का मतलब है समुद्र तट और नामी का मतलब है लहरें।   

सबसे असरदार कारण है भूकंप

यूं तो सुनामी के कई कारण होते हैं लेकिन सबसे असरदार कारण होता है भूकंप। जब भी भूंकप आता है तो समुद्र अपनी समांतर स्थिति से ऊपर की ओर बढ़ने लगता है। इस बार आई सुनामी की मुख्य वजह ज्वालामुखी बताई जा रही है भूकंप नहीं।

इससे पहले भूकंप थे वजह

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इंडोनेशिया में सितंबर माह में दो शक्तिशाली भूकंप के बाद सुनामी आई थी। जिसमें करीब 348 लोगों की मौत हो गई। देश के सुलावेसी क्षेत्र के पालू शहर में इसने बड़ी तबाही मचाई। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि इससे कई इमारतें जमींदोज हो गईं। वहीं हाल ही में लंबोक द्वीप पर आए कई भूकंपों में करीब 500 लोगों की मौत हुई।

इंडोनेशिया में लगातार भूकंप और सुनामी आती रही हैं।  5 अगस्त 2018 को भी इंडोनेशिया में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया था। इंडोनेशिया के द्वीप लंबोक और पास के बाली में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिली थी। इससे पहले, जुलाई के अंत में भी 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद भी कई झटके महसूस किए गए, इस आपदा में करीब 470 लोगों की मौत हुई थी। 

आज भी हालात सामान्य नहीं

जिन दो जगहों पर भूकंप के बाद सुनामी आई वहां आज भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। 6 लाख की आबादी वाले पालु और दोंगला शहर के लोग आज भी खराब स्थिति में रहने को मजबूर हैं। यहां के लोगों को अब समुद्र से डर लग रहा है और वह पहड़ों पर रहने के बारे में सोच रहे हैं। 

2004 में जब प्रभावित हुए थे 14 देश

साल 2004 में यहां आए भूकंप के बाद सुनामी आई थी। जिससे 14 देश प्रभावित हुए। इन देशों में भारत भी शामिल था। तब यहां सुमात्रा द्वीप पर 9.3 तीव्रता का भूकंप आया था। जिससे हिंद महासागर के तटीय इलाकों वाले देश में सुनामी आ गई। इससे दुनियाभर के 2.20 लाख लोगों की मौत हो गई। जिसमें से बड़ी संख्या में 1.68 लाख लोग इंडोनेशिया से थे। 

ज्वालामुखी से सुनामी की घटनाएं कम

विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकतर बार सुनामी का कारण भूकंप ही होता है। ज्वालामुखी के कारण सुनामी के मामले काफी कम हैं। हाल ही में आई सुनामी की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि सुनामी का बड़ा कारण ज्वालामुखी का फटना ही था। ज्वालामुखी फटने से समुद्र के नीचे की सतह में तेज हलचल हुई। ज्वालामुखी में बड़ी लहरें पैदा करने की अधिक क्षमता होती है। इन लहरों के कारण समुद्र के पानी का बड़ा हिस्सा तटों से बाहर की ओर आ जाता है। इस बार ज्वालामुखी में विस्फोट होने से लाखों टन चट्टानी कचरा समुद्र में आ गया, जिससे समुद्र की लहरों में दबाव बढ़ गया। 

क्या कहती है रिसर्च?

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भूकंप और सुनामी पर कई रिसर्च की गई हैं। इसपर ब्रिटेन की एक यूनिवर्सिटी का कहना है कि पानी के अंदर चट्टानों के खिसकने से सुनामी की चेतावनी दी जाती है। यह जानकारी बूई डिवाइस से मिलती है। जो क्राकाटाओ में भी था। लेकिन इसमें समुद्र की लहरों की गति को लेकर कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इसका मतलब यही हुआ कि ये डिवाइस यहां फेल हुआ है। 

इंडोनेशिया में ही क्यों तबाही मचा रहे भूकंप और सुनामी

इंडोनेशिया में लगातार मच रही तबाही से लोगों के जहन में ये सवाल उठना लाजमी है कि आखिर इंडोनेशिया में ही भूकंप और सुनामी क्यों तबाही मचा रहे हैं? इसी देश में सबसे ज्यादा प्राकृतिक आपदाएं क्यों आती हैं? इसका कारण यह है कि ये देश 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है। यहां की धरती के अंदर मौजूद टेक्टॉनिक प्लेट्स आपस में अधिक टकराती हैं, जिससे भूकंप और ज्वालामुखी जैसी घटनाएं होती हैं। इस साल भी कई बार यहां भूकंप आया जिससे भारी संख्या में लोगों की मौत हुई। 

ग्लोबल वार्मिंग भी बन रही खतरा

अमेरिका के वर्जीनिया टेक संस्थान के एक अध्ययन में पता चला है कि समुद्र में जलस्तर के बढ़ने से भी सुनामी आती है। जलस्तर बढ़ने का मुख्य कारण है ग्लोबल वार्मिंग। जिससे तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। समुद्र के जलस्तर में थोड़ी सी भी वृद्धि सुनामी को न्योता दे सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस तरह जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे सुनामी का खतरा भी बढ़ रहा है।

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