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केटी बोमन के बनाए गए प्रोग्राम की वजह से दुनिया देख पाई ब्लैक होल की पहली तस्वीर
Fri, 12 Apr 2019 05:38 PM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, न्यूयार्क
वर्ल्ड डेस्क, न्यूयार्क
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 12 Apr 2019 05:38 PM IST
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केटी बोमन (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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बुधवार को ब्लैक होल की पहली तस्वीर दुनिया के सामने आई। यह ब्लैक होल एम87 नामक आकाशगंगा में मौजूद है। इस तस्वीर में प्रकाश का एक चक्र दिख रहा है, जिसके बीच में ब्लैक होल है।
इस तस्वीर को पाने में केटी बोमन की बड़ी भूमिका थी। केटी 29 साल की कंप्यूटर साइंटिस्ट हैं। इन्होंने एमआईटी से ग्रेजुएशन किया है। इनके बनाए गए प्रोग्राम के कारण ही असंभव माने जाने वाले इस तस्वीर को देखा जा सका है।
पहली तस्वीर में कुछ भी साफ नहीं दिख रहा था। इसके बाद केटी ने अल्गोरिदम की मदद से इसे फिर से तैयार किया। तीन साल बाद उन्हें पहली तस्वीर को देखने का मौका मिला। ब्लैक होल की यह तस्वीर इवेंट हॉरिजन टेलीस्कोप के जरिए ली गई थी।
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परियोजना के शोधकर्ताओं ने अप्रैल 2017 में अमेरिका के एरिजोना और हवाई के साथ-साथ मैक्सिको, चिली, स्पेन और अंटार्कटिका में दूरबीनों का उपयोग करके पहला डेटा प्राप्त किया। टेलिस्कोप के वैश्विक नेटवर्क ने अनिवार्य रूप से एक ग्रह के आकार का अवलोकन तैयार किया। टीम के एक सदस्य मैकस्कोरा ने कहा कि टेलिस्कोप प्रति छेद ब्लैक होल को नहीं देख रहा है, लेकिन जिस सामग्री को उसने पकड़ा है, वह एक चमकदार डिस्क है, जिसे व्हाइट-हॉट गैस और प्लाज्मा कहा जाता है।
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इस तस्वीर को पाने में केटी बोमन की बड़ी भूमिका थी। केटी 29 साल की कंप्यूटर साइंटिस्ट हैं। इन्होंने एमआईटी से ग्रेजुएशन किया है। इनके बनाए गए प्रोग्राम के कारण ही असंभव माने जाने वाले इस तस्वीर को देखा जा सका है।
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पहली तस्वीर में कुछ भी साफ नहीं दिख रहा था। इसके बाद केटी ने अल्गोरिदम की मदद से इसे फिर से तैयार किया। तीन साल बाद उन्हें पहली तस्वीर को देखने का मौका मिला। ब्लैक होल की यह तस्वीर इवेंट हॉरिजन टेलीस्कोप के जरिए ली गई थी।
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क्या है इवेंट हॉरिजन टेलीस्कोप
यह आठ टेलीस्कोप को जोड़कर बनाया गया नेटवर्क है। क्योंकि, एक टेलिस्कोप ब्लैक होल की तस्वीर लेने में सक्षम नहीं था। टेलिस्कोप को एक दूसरे से जोड़ने की तकनीकी को इंटरफेरोमेट्री कहते हैं। इस काम में 200 वैज्ञानिकों का समूह लगा हुआ था।परियोजना के शोधकर्ताओं ने अप्रैल 2017 में अमेरिका के एरिजोना और हवाई के साथ-साथ मैक्सिको, चिली, स्पेन और अंटार्कटिका में दूरबीनों का उपयोग करके पहला डेटा प्राप्त किया। टेलिस्कोप के वैश्विक नेटवर्क ने अनिवार्य रूप से एक ग्रह के आकार का अवलोकन तैयार किया। टीम के एक सदस्य मैकस्कोरा ने कहा कि टेलिस्कोप प्रति छेद ब्लैक होल को नहीं देख रहा है, लेकिन जिस सामग्री को उसने पकड़ा है, वह एक चमकदार डिस्क है, जिसे व्हाइट-हॉट गैस और प्लाज्मा कहा जाता है।
क्या है ब्लैक होल
ब्लैक होल की पहली वास्तविक तस्वीर
ब्लैक होल अंतरिक्ष में ऐसी जगह है, जिसमें जाने के बाद कोई चीज बाहर नहीं आती। यहां तक कि प्रकाश भी नहीं। इसके अंग्रेजी नाम का हिंदी में अनुवाद करें तो यह काला छिद्र होगा। मगर यह वास्तव में कोई छिद्र या छेद नहीं है। यह तत्वों का घना मिश्रण माना जाता है, जिससे पैदा होने वाला गुरुत्वाकर्षण बल आसपास मौजूद सभी चीजों को अपनी ओर खींचता है। वैज्ञानिक 18वीं शताब्दी से इसे काला तारा मानकर इसके अस्तित्व को स्वीकारते थे, लेकिन किसी दूरबीन से इसे देखा नहीं जा सका था, न कभी इसकी तस्वीर सामने आई थी।