कमला हैरिस: हिंदुस्तानी पहचान और कश्मीर मुद्दे पर उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार का ये है कहना
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अमेरिका के प्रमुख राजनीतिक दल डेमोक्रेटिक पार्टी ने पहली बार किसी अश्वेत और दक्षिण एशियाई मूल की महिला को औपचारिक रूप से उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। 55 वर्षीय कमला हैरिस की मां भारतीय और पिता जमैका के थे। कमला जब पांच वर्ष की थीं तब उनकी मां श्यामला गोपालन और पिता डोनाल्ड हैरिस अलग हो गए थे। कमला और उनकी बहन माया की परवरिश मां ने अकेले ही की है।
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हिंदुस्तानी पहचान पर कमला का बयान
उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार नामित होने के बाद कमला हैरिस ने अपने भाषण में कहा कि मेरी मां ने मुझे अपनी पहचान पर गर्व करना सिखाया है। मां की वजह से ही मुझे और मेरी बहन माया को अपनी हिंदुस्तानी विरासत पर भी गर्व है।
कश्मीर पर कमला का रुख
कश्मीर मसले पर कमला हैरिस का रुख भारत कदम के विपरीत है। उन्होंने कश्मीर मुद्दा और नागरिकता संशोधन कानून पर भारत सरकार की आलोचना की थी। हैरिस ने कहा था, 'हमें कश्मीरियों को याद दिलाना होगा कि वे दुनिया में अकेले नहीं हैं। हम उनके हालात पर नजर रखे हुए हैं। जरूरत पड़ने पर हम मानव अधिकारों के मामले में बोलेंगे और दखल भी देंगे।'
कमला हैरिस का सफर
उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने हावर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री ली थी। पढ़ाई के बाद वो कैलिफोर्निया में अटॉर्नी जनरल बन गई थीं। वे इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला और पहली अफ्रीकी-अमेरिकी थीं। हैरिस ने दो बार अटॉर्नी जनरल का पद संभाला और इसके बाद साल 2017 में अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस की सीनेटर बनीं। कमला सांसद बनने वालीं दूसरी अश्वेत महिला हैं।