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भारत के साथ कूटनीतिक तरीके से सीमा विवाद सुलझाएगा नेपाल: प्रदीप ग्यावली
Mon, 11 May 2020 12:54 AM IST
Rajeev Rai
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rajeev Rai
Updated Mon, 11 May 2020 12:54 AM IST
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प्रदीप कुमार ग्यावली
- फोटो : social media
नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत के साथ सीमा विवाद को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की बात कही है। भारत द्वारा उत्तराखंड में धारचुला से लिपुलेख दर्रे को जोड़ने वाली एक सड़क के निर्माण के बाद नेपाल की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद प्रदीप कुमार ग्यावली ने इस मुद्दे पर संसद में अपनी बात रखी।
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नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के सांसदों ने संसद में एक विशेष प्रस्ताव पेश कर कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख में नेपाल के क्षेत्रों को वापस लेने की मांग की है। सांसदों ने दावा किया कि महाकाली नदी के पूर्वी हिस्से पर लगभग 400 वर्ग किलोमीटर भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। उन्होंने अपने प्रस्ताव में नेपाल सरकार से इसे वापस लेने के लिये जरूरी कदम उठाने की मांग की।
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इसपर ग्यावली ने दावा किया कि नेपाल से संबंधित क्षेत्रों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और वे वैसे ही हैं, जैसा 1816 की सुगौली संधि में इनका जिक्र है। संधि के बाद नेपाल और तत्कालीन ब्रिटिश भारतीय सरकार के बीच तीन पूरक दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी हुआ था और उस स्थिति को बदलने के लिये कोई अन्य समझौता नहीं हुआ।
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कुछ सांसदों ने इसे त्रिपक्षीय मुद्दा बताते हुए सरकार को चीनी पक्ष के साथ भी इस पर चर्चा का सुझाव दिया। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे को सुलझाने के लिये नेपाल और भारत के बीच उच्चस्तरीय संवाद शुरू का भी सुझाव दिया।
इससे पहले, शनिवार को नेपाल के विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया था कि सरकार को लिपुलेख दर्रे से जोड़ने वाली सड़क के उद्घाटन के बारे में जानकर हैरानी हुई, जो नेपाल का हिस्सा है। बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले सप्ताह उत्तराखंड में चीन सीमा से लगी सीमा पर, 17 हजार फुट की ऊंचाई पर सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 80 किलोमीटर लंबी सड़क का शुभारंभ किया था।