बाइडन का सॉफ्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज: डेमोक्रेटिक पार्टी आखिर कैसे उबरे अपनी ‘मेंचिन-सिनेमा’ दुविधा से?
विश्लेषकों का कहना है कि जिस तेजी से डेमोक्रेटिक पार्टी के मध्यमार्गी और दक्षिणपंथी सांसद राष्ट्रपति के एजेंडे के खिलाफ सामने आ रहे हैं, उससे पार्टी की मुसीबत बढ़ रही है। अगर ये एजेंडा पारित नहीं हुआ, तो अगले चुनाव में जनता के पास लेकर जाने के लिए पार्टी के पास कुछ भी नहीं रहेगा...
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अमेरिका में सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत उसके ही सीनेटर बन गए हैं। अब तक इस सिलसिले में दो सीनेटरों- जो मेंचिन और क्रिस्टीन सिनेमा- का नाम लिया जाता था। लेकिन अब कई मध्यमार्गी सांसद मेडिकेयर, मेडिकएड और स्वास्थ्य बीमा की योजना अफॉर्डेबल केयर एक्ट में सुधार की राह में बाधक बन गए हैं। बाइडन प्रशासन ने ताजा प्रस्ताव रखा है कि मेडिकेयर (बुजुर्गों के मुफ्त इलाज की योजना) और अफॉर्डेबल केयर एक्ट के तहत मरीजों को दी जाने वाली दवाओं की कीमत तय करने की सौदेबाजी में सरकार को हस्तक्षेप का अधिकार मिलना चाहिए। साथ ही मुद्रास्फीति से ज्यादा दाम बढ़ाने वाली दवा कंपनियों को दंडित करने का अधिकार भी सरकार एक नए कानून के जरिए हासिल करना चाहती है। लेकिन अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में कई डेमोक्रेटिक सदस्य बाइडन प्रशासन की तरफ से पेश प्रस्ताव की भाषा बदलने के अभियान में जुट गए हैं। इनमें स्कॉट पीटर्स, कैथलीन राइस, कुर्ट श्रादेर आदि शामिल हैं।
अमेरिकी मीडिया ने ताजा घटनाक्रम को डेमोक्रेटिक पार्टी की ‘मेंचिन-सिनेमा’ दुविधा का विस्तार बताया है। इसका मतलब यह है कि पहले पार्टी के प्रगतिशील एजेंडे की राह के खिलाफ खुल कर वही दो सीनेटर सामने आए थे। अब ये दायरा बढ़ रहा है। मेंचिन और सिनेमा के बारे में राय बनी है कि उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडन की हर प्रगतिशील योजना पर इन दोनों ने ब्रेक लगा रखा है। सबसे पहले इनकी वजह से ही प्रति घंटे 15 डॉलर न्यूनतम मजदूरी करने का प्रस्ताव गिर गया था। अब ये राष्ट्रपति के 3.5 ट्रिलियन डॉलर के सॉफ्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज की राह में बाधा बन गए हैं। साथ ही, उन्होंने धनी लोगों और कंपनियों पर टैक्स बढ़ाने की राष्ट्रपति की मंशा भी पूरी नहीं होने दी है।
बाइडन प्रशासन ने सॉफ्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज के तहत मानव विकास से जुड़े क्षेत्रों में भारी निवेश करने का फैसला किया है। रिपब्लिकन पार्टी इसका पुरजोर विरोध कर रही है। डेमोक्रेटिक पार्टी इस पैकेज के लिए विधेयक को सीनेट की एक खास प्रक्रिया के तहत पारित कराना चाहती है। इस प्रक्रिया को बजट रिकॉन्सिलिएशन कहा जाता है। इस प्रक्रिया के तहत बिल साधारण बहुमत से पास हो जाते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के पास साधारण बहुमत है, लेकिन मेंचिन और सिनेमा के विरोध के कारण वह अपनी खास योजनाओं को पारित कराने में अब तक नाकाम है।
मेंचिन ने पहले अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में लेख लिख कर साफ कर दिया था कि वे राष्ट्रपति बाइडन के सॉफ्ट इन्फ्रास्टक्चर पैकेज का समर्थन नहीं करेंगे। बीते रविवार को उन्होंने अखबार वाशिंगटन पोस्ट में लेख लिख कर वही बात दोहरा दी। क्रिस्टीन सिनेमा हालांकि इस मसले पर उनके जितना मुखर नहीं हैं, लेकिन उन्होंने भी साफ कहा है कि वे सरकारी खजाने से 3.5 ट्रिलियन डॉलर खर्च करने का समर्थन नहीं करेंगी।
वेबसाइट पॉलिटिको.कॉम के मुताबिक ताजा घटनाओं से डेमोक्रेटिक पार्टी में गहरी बेचैनी है। इस वेबसाइट के मुताबिक उसने कई डेमोक्रेटिक सीनेटरों से इस मामले में प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। उनमें से एक मार्टिन हेनरिक ने सिर्फ यह कहा कि 3.5 ट्रिलियन डॉलर का पैकेज अमेरिकी जनता के बीच बहुत लोकप्रिय है। उधर सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने सिर्फ कहा कि ये पैकेज पारित कराने के लिए ‘हमें सभी 50 डेमोक्रेटिक सीनेटरों के समर्थन की जरूरत होगी।’ 100 सदस्यीय सीनेट में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों पार्टियों के 50-50 सदस्य हैं। लेकिन उप-राष्ट्रपति के एक अतिरिक्त वोट के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत है।
विश्लेषकों का कहना है कि जिस तेजी से डेमोक्रेटिक पार्टी के मध्यमार्गी और दक्षिणपंथी सांसद राष्ट्रपति के एजेंडे के खिलाफ सामने आ रहे हैं, उससे पार्टी की मुसीबत बढ़ रही है। अगर ये एजेंडा पारित नहीं हुआ, तो अगले चुनाव में जनता के पास लेकर जाने के लिए पार्टी के पास कुछ भी नहीं रहेगा।