जेकेएलएफ के नेतृत्व में एलओसी के पास पहुंचे पाकिस्तानी, सीमा पर भारतीय सेना मुस्तैद
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पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन जेकेएलएफ के नेतृत्व में लोगों ने भारत को गीदड़ भभकी देने के लिए मार्च निकाला। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य भारत द्वारा जम्मू कश्मीर को लेकर उठाए गए कदम का विरोध करना था।
इस मार्च में ज्यादातर युवा शामिल थे। इन लोगों ने 20 किलोमीटर तक पैदल मार्च किया और भारत को गीदड़ भभकी देते हुए नारेबाजी की। इन लोगों ने ख्वाब तो एलओसी पार करने के देखें थे लेकिन भारतीय सेना के पराक्रम को याद कर इन्होंने एलओसी के नजदीक जाने का प्लान रद्द कर दिया।
वहीं, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को प्रदर्शनकारियों को एलओसी पार न करने की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी एलओसी पार करके कश्मीरियों की सहायता करने जाएगा और उसे भारतीय सेना द्वारा पकड़ लिया गया तो उसे आंतकवादी घोषित कर दिया जाएगा।
शुक्रवार को शुरू हुए इस मार्च में पाकिस्तानियों ने अपनी गाड़ियों से पीओके के विभिन्न क्षेत्रों से मार्च शुरू किया था और एलओसी के करीब पहुंचे। इन्होंने भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए नारेबाजी की। ये लोग कश्मीर के स्वतंत्र राज्य बनने को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।
वहीं, शुक्रवार को पीओके के नेताओं ने प्रतिबंधित जेकेएलएफ के नेताओं से बातचीत की और कहा था कि वे इस मार्च को एलओसी के ज्यादा करीब नहीं ले जाए अन्यथा भारतीय सेना उनपर कार्रवाई भी कर सकती है।
दूसरी ओर एलओसी पर पाकिस्तान के मार्च को लेकर शुक्रवार से ही दिनभर एलओसी पर अलर्ट रहा। सेना के जवान पूरी मुस्तैदी से डटे रहे। कहीं पर भी पाकिस्तान के लोगों द्वारा एलओसी पार करने की कोशिश की जानकारी नहीं मिली।
सेना का कहा कि एलओसी पर किसी तरह कर कोई मार्च नहीं हुआ है। न ही पाकिस्तान की तरफ से उल्लंघन किया गया है। इस तरह की किसी भी घटना से निपटने के लिए सेना पूरी तरह तैयार थी।
बता दें कि पाकिस्तानी सेना, आतंकी संगठनों ने जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट का नाम लेकर भड़काया। पीओके के लोगों को पोस्टरों के जरिए एलओसी पर जमा होने और एलओसी लांघने के लिए कहा गया। कहा गया कि चार अक्तूबर को एलओसी पर जमा होकर मार्च निकालेंगे और एलओसी क्रास कर जाएं।
जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद से ही इस्लामाबाद और नई दिल्ली के बीच तनाव जारी है। पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने रिश्तों को कमतर कर दिया।
पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश कर रहा है लेकिन भारत ने यह मान लिया है कि धारा 370 का हनन उसका आंतरिक मामला था। नई दिल्ली ने भी इस्लामाबाद को वास्तविकता को स्वीकार करने और भारत विरोधी बयानबाजी को रोकने के लिए कहा है।