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Jeffrey Epstein Case: न्यूयॉर्क के जिला जज का आदेश, ग्रैंड जूरी की प्रतिलिपियों को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा

Tue, 12 Aug 2025 03:32 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 12 Aug 2025 03:32 AM IST
सार

न्यूयॉर्क के जिला जज पॉल ए. एंजेलमेयर ने एक लिखित फैसले में कहा कि जेफरी एपस्टीन की पूर्व प्रेमिका गिस्लेन मैक्सवेल पर यौन तस्करी के आरोपों से जुड़ी ग्रैंड जूरी की गुप्त गवाही की प्रतिलिपियां सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। जज ने कहा संघीय कानून कभी भी ग्रैंड जूरी की सामग्री को सार्वजनिक करने की अनुमति नहीं देता है और दस्तावेजों को लापरवाही से सार्वजनिक करना एक बुरा विचार है। 

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Jeffrey Epstein Case New York Judge Paul A Engelmayer order Grand Jury transcripts will not be made public
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

न्यूयॉर्क के जिला जज ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) अपने तीखे फैसले में कहा कि जेफरी एपस्टीन की पूर्व प्रेमिका गिस्लेन मैक्सवेल पर यौन तस्करी के आरोपों से जुड़ी ग्रैंड जूरी की गुप्त गवाही की प्रतिलिपियां सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। जज ने यह भी कहा कि न्याय विभाग द्वारा उन्हें सार्वजनिक करने का असली मकसद पारदर्शिता के भ्रम से जनता को मूर्ख बनाना था। 

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जज पॉल ए. एंजेलमेयर ने एक लिखित फैसले में कहा कि संघीय कानून कभी भी ग्रैंड जूरी की सामग्री को सार्वजनिक करने की अनुमति नहीं देता है और दस्तावेजों को लापरवाही से सार्वजनिक करना एक बुरा विचार है। जज ने न्याय विभाग के इस तर्क को भी नकार दिया कि ग्रैंड जूरी की सामग्री जारी करने से एपस्टीन और मैक्सवेल के अपराधों के बारे में नई जानकारी सामने आ सकती है। जज ने इस आधार को स्पष्ट रूप से गलत बताया। 
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जज ने कहा- दस्तावेजों में कोई नई जानकारी नहीं
सरकार ने दस्तावेजों को सार्वजनिक रूप से जारी करने की मांग की थी, लेकिन जज ने दस्तावेजों की निजी तौर पर समीक्षा की और कहा कि इनमें कोई नई जानकारी नहीं है। जो लोग पहले से मैक्सवेल के 2021 के मुकदमे के बारे में जानते हैं, उन्हें इससे कुछ नया नहीं पता चलेगा, बल्कि वे निराश होंगे। 
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किसी और व्यक्ति का नाबालिग के साथ यौन संबंध होने की नहीं हुई पुष्टि
जज एंजेलमेयर ने कहा कि इस दस्तावेजों में एपस्टीन और मैक्सवेल के अलावा किसी और व्यक्ति का नाबालिग के साथ यौन संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है। इनमें एपस्टीन या मैक्सवेल के किसी भी मुवक्किल के बारे में न तो चर्चा की गई है और न ही उनकी पहचान की गई है। ये एपस्टीन या मैक्सवेल के अपराधों के किसी भी अज्ञात तरीके या तरीके का खुलासा नहीं करते हैं। जज ने यह भी कहा कि इन दस्तावेजों में अपराध के नए स्थानों, मैक्सवेल और एपस्टीन की संपत्ति के नए स्रोतों, एपस्टीन की मौत की परिस्थितियों या सरकारी जांच के तरीके का भी खुलासा नहीं किया गया है। 

सरकार द्वारा दिए गए सार्वजनिक स्पष्टीकरण कपटपूर्ण साबित होंगे
जज ने अपने फैसले में लिखा कि इन प्रतिलिपियों को जारी करने का सबसे अच्छा तर्क यह हो सकता है कि ऐसा करने से सरकार द्वारा सील खोलने के लिए दिए गए सार्वजनिक स्पष्टीकरण कपटपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने कहा, 'एक आम आदमी, जो यह समझता है कि मैक्सवेल ग्रैंड जूरी की सामग्री सार्वजनिक ज्ञान में कोई योगदान नहीं देती, यह निष्कर्ष निकाल सकता है कि सरकार द्वारा उन्हें खोलने का प्रस्ताव पारदर्शिता लाने के लिए नहीं, बल्कि ध्यान भटकाने के लिए था। इसका उद्देश्य पूर्ण प्रकटीकरण नहीं, बल्कि ऐसा भ्रम पैदा करना था।'


रिकॉर्ड को सार्वजनिक करना चाहता था न्याय विभाग
न्याय विभाग इन रिकॉर्ड को सार्वजनिक करना चाहता था, बस कुछ निजी जानकारी हटाकर, ताकि लोगों को लगे कि वे पारदर्शी हैं। लेकिन फ्लोरिडा के वकील ब्रैड एडवर्ड्स, जो कई पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करते हैं, ने कहा कि उन्हें इस फैसले से कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि ये रिकॉर्ड वैसे भी ज्यादा काम के नहीं हैं। वहीं, मैक्सवेल के वकील बॉबी स्टर्नहेम ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

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2019 में नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण के लगे थे आरोप
गौरतलब है कि साल 2019 में, एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण और तस्करी के आरोप लगे थे। उसी दौरान जेल में उसकी मौत हो गई, सरकार का कहना है कि उसने आत्महत्या कर ली थी। बाद में मैक्सवेल को भी दोषी ठहराया गया। ग्रैंड जूरी में सिर्फ एक FBI एजेंट और एक पुलिस जासूस ने गवाही दी थी, और जो बातें वहां हुईं, वे पहले ही मुकदमों और सार्वजनिक बयानों में सामने आ चुकी हैं।

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