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जापान के युवराज बने सम्राट नारुहितो के छोटे भाई अकिशिनो
Tue, 10 Nov 2020 01:10 AM IST
देव कश्यप
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, टोक्यो।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, टोक्यो।
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 10 Nov 2020 01:10 AM IST
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Crown Prince Akishino
- फोटो : Twitter@jt_mag_os
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जापान के राजकुमार अकिशिनो को औपचारिक रूप से जापानी सिंहासन का उत्तराधिकारी घोषित किया गया। वह सम्राट नारुहितो के छोटे भाई हैं और पिता के पद त्याग के बाद पिछले साल ही देश के राजा बने। अकिशिनो को औपचारिक क्राउन प्रिंस (युवराज) घोषित करने के दौरान दिन भर शाही निवास (इंपीरियल पैलेस) में समारोह चला जिसमें सम्राट व महारानी के अलावा शाही परिवार के सदस्यों ने भाग लिया।
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54 वर्षीय अकिशिनो ने इस दौरान यहां मौजूद लोगों के सामने कहा कि मैं क्राउन प्रिंस की जिम्मेदारी को गहराई से समझता हूं और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करूंगा। इस दौरान सम्राट नारुहितो ने विरासत में मिली ‘संरक्षक तलवार’ अकिशिनो को सौंपी। बता दें कि यह कार्यक्रम अप्रैल में होना था, लेकिन कोरोना वायरस के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया था।
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इससे पहले पिछले साल सम्राट अकिहितो ने राजसिंहासन अपने बड़े बेटे नारुहितो को सौंपा था और तभी से क्राउन प्रिंस की गद्दी खाली थी। अकिशिनो (लोकप्रिय नाम फुमिहितो) को क्राउन प्रिंस बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया मई से ही शुरू हो चुकी थी।
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महिलाएं नहीं बन सकतीं सम्राट
नारुहितो के सम्राट बनने के बाद उनका उत्तराधिकारी बनने की सूची में सिर्फ दो नाम ही बचे थे। इनमें एक नाम छोटे भाई फुमिहितो का और दूसरा नाम उनके 14 वर्षीय बेटे हिसाहितो का था। नारुहितो की 18 वर्षीय बेटी आइको और युवराज फुमिहितो की दो बेटियां माको और काको वारिस नहीं बन सकती हैं क्योंकि वे महिलाएं हैं। शाही औरतों के आम आदमी से शादी करने पर भी जापान में रोक है।