{"_id":"5d95a0448ebc3e93d76c510f","slug":"jaishankar-says-india-will-adopt-bilateral-approach-on-matters-with-china-of-other-countries","type":"story","status":"publish","title_hn":"विदेश मंत्री ने कहा: अन्य देशों के चीन के साथ मामलों पर द्विपक्षीय रुख अपनाएगा भारत","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
विदेश मंत्री ने कहा: अन्य देशों के चीन के साथ मामलों पर द्विपक्षीय रुख अपनाएगा भारत
Thu, 03 Oct 2019 01:00 PM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 03 Oct 2019 01:00 PM IST
विज्ञापन
विदेश मंत्री एस जयशंकर (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत अन्य देशों के चीन के साथ मामलों पर गुण-दोष के आधार पर विचार करेगा। उन्होंने कहा है कि दक्षिण एशिया के दोनों देश आपसी संबंधों को सुगम और मजबूत बनाना चाहते हैं।
विज्ञापन
ट्रंप प्रशासन द्वारा लगातार कहा जाता रहा है कि 5जी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, वहीं, इसको लेकर विदेश मंत्री ने कहा कि भारत के लिए यह राजनीतिक नहीं बल्कि यह दूरसंचार का मामला है।
विज्ञापन
जयशंकर ने एक सवाल के जवाब में ‘द हेरीटेज फाउंडेशन’ से कहा कि जाहिर तौर पर हम चीन के साथ संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं। हम इसे लेकर पूरी तरह से स्पष्ट हैं और हमें लगता है कि बीजिंग भी संबंधों को बेहतर और मजबूत करना चाहता हैं।
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा कि अन्य देशों के चीन के साथ जो मामले हैं, उनमें से कई मामलों पर हम गुण-दोष के आधार पर विचार करेंगे और आमतौर पर द्विपक्षीय रुख ही अपनाएंगे। विदेश मंत्री ने कहा कि हम चीन के साथ अपने संबंधों को अत्यंत द्विपक्षीय तरीके से पेश करते हैं। हम मानते हैं कि यह आगे बढ़ने का सही तरीका है।
जयशंकर ने कहा कि जब भी चीन की बात आती है, तो मेरे लिए यह महत्वपूर्ण होता है कि मेरे उस पड़ोसी के साथ संबंध बरकरार रहें, जो मेरा सबसे बड़ा पड़ोसी है, साथ ही दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसके साथ मेरा लंबा इतिहास रहा है और यह इतिहास जो हमेशा सरल नहीं रहा है। मेरे लिए अहम जरूरत स्थिरता है।
विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों राष्ट्रों के बीच संबंध काफी जटिल हैं। भारत ने चीन के साथ संबंधों को बहुत समय दिया है, और साथ ही प्राथमिकता भी दी है। उन्होंने कहा कि क्योंकि हमारा मानना है कि इन संबंधों को स्थिर और मजबूत बनाने में केवल हम दो देशों का ही नहीं, बल्कि वास्तव में बड़े क्षेत्र का हित जुड़ा है, दुनिया का भी इसी में निहित हित है।
उन्होंने कहा कि भारत ने वास्तव में इस पर काफी ध्यान दिया है। जयशंकर ने कहा कि हमने हाल के वर्षों में कुछ सकारात्मक परिवर्तन देखे हैं। हमने व्यापार में बढ़ोतरी देखी है। हमने उन क्षेत्रों के बाजार में पहुंच बनती देखी है जहां पहले हमारी पहुंच नहीं थी।
उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि सीमाएं बहुत हद तक स्थिर हो रही हैं। इसलिए हमारी उनके साथ कई मामलों पर बात करने की क्षमता बढ़ी है। मेरे हिसाब से, यह हमारे लिए अच्छे संकेत है।