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भारत का रुख स्पष्ट, कश्मीर पर मध्यस्थता स्वीकार नहीं: जयशंकर

Tue, 01 Oct 2019 10:25 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Trainee Trainee Updated Tue, 01 Oct 2019 10:25 PM IST
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Jaishankar said sharply, said that no third party will mediate in Kashmir case
एस जयशंकर - फोटो : सोशल मीडिया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की हर गुंजाइश को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा है कि भारत का रुख दशकों से स्पष्ट रहा है और इस मामले पर कोई भी बातचीत द्विपक्षीय ही होगी। जयशंकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक महासभा सत्र में भाग लेने के बाद रविवार रात न्यूयार्क से यहां पहुंचे।

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मध्यस्थता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर जयशंकर ने कहा, जहां तक मेरा सवाल है, मेरे दिमाग में बात एकदम स्पष्ट है। मेरा तर्क बहुत सरल है। कश्मीर किसका मामला है? मेरा। किसे फैसला करना है? मुझे। यदि यह मेरा मामला है और मुझे फैसला करना है, तो मैं तय करूंगा कि मुझे किसी की मध्यस्थता चाहिए या नहीं। आप अपनी पसंद से कोई भी प्रस्ताव रख सकते हैं। अगर मैं फैसला करता हूं कि यह मेरे लिए प्रासंगिक नहीं है तो ऐसा नहीं होगा।’ बीते ढाई महीने में राष्ट्रपति ट्रंप कश्मीर पर कई बार मध्यस्थता का प्रस्ताव दे चुके हैं। 
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जयशंकर ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त करने पर मैं बताना चाहता हूं कि संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर मेरी करीब आधी बैठकों में इस मामले पर बात हुई। ऐसा नहीं था कि बात करने वाले हर व्यक्ति ने इसी ज्वलंत प्रश्न पर बात की। सच कहूं तो इनमें से मेरी अधिकतर बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह मामला जिन लोगों ने उठाया उनके लिए यह प्राथमिक रुचि का विषय नहीं था।’

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भारत को पाक से जोड़ने पर जताई आपत्ति

जयशंकर ने अनुच्छेद 370 हटाने के बाद भारत और पाकिस्तान को साथ जोड़ने पर आपत्ति जताई। जयशंकर ने कहा, ‘आप एक ऐसे देश को कैसे साथ जोड़कर देख सकते हो, जो हमारी अर्थव्यवस्था का आठवां हिस्सा है। जो छवि के हिसाब से हमसे एकदम विपरीत है।’

व्यापार से जुड़ी दिक्कतों पर हो रही चर्चा

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि दोनों देश व्यापार मुद्दों को लेकर प्रयास कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि इस दिशा में कुछ नतीजे जल्द से जल्द दिखाई पड़े। दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने पर चर्चा की जा रही है। 

‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ नारे पर सफाई

जयशंकर ने ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी के ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ नारे पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने ह्यूस्टन रैली में जो नारा दिया था, वह पिछली बार राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय का प्यार हासिल करने के लिए दिया था। उसी को मोदी ने दोहराया। जयशंकर ने इस बात को सिरे से नकार दिया कि पीएम मोदी ने 2020 के चुनाव अभियान के लिए ट्रंप की उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए ऐसा कहा था। हमें बातों का गलत अर्थ नहीं निकालना चाहिए।

राहुल का तंज, पीएम को सिखाएं कूटनीति

अमेरिका में हाउडी मोदी में प्रधानमंत्री के ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ वाले बयान पर विपक्ष का हमला कम नहीं हो रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को जयशंकर के बयान के बाद ट्वीट किया, ‘हमारे पीएम की अक्षमता को छिपाने के लिए आपका धन्यवाद मिस्टर जयशंकर। उनके (मोदी के) चापलूसी भरे समर्थन की वजह से डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर भारत के लिए गंभीर समस्याएं पैदा हो गई हैं। मुझे आशा है कि आपके दखल से इसका पटाक्षेप हो जाएगा। बतौर विदेश मंत्री आप उन्हें थोड़ा बहुत डिप्लोमेसी (कूटनीति) के बारे में भी सिखाएं।’

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