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इस्लामी चैनल पर इस्राइल का तंज, बोला- ईशनिंदा पर मौत देने वाले चैनल चलाना चाहते हैं
Wed, 02 Oct 2019 11:35 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 02 Oct 2019 11:35 AM IST
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इस्राइल
- फोटो : social media
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इस्राइल ने पाकिस्तान, मलेशिया और तुर्की द्वारा इस्लामिक चैनल चलाए जाने के प्रस्ताव की जमकर आलोचना की है। इस्राइल की मीडिया ने भी चैनल को लेकर पाकिस्तान, तुर्की और मलेशिया पर निशाना साधा।
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यरुशलम पोस्ट ने लिखा कि एक ऐसे देश के नेता जिनके यहां ईशनिंदा के लिए मौत की सजा है। एक नेता जो गर्व से खुद को यहूदी-विरोधी बताते हैं। एक नेता जो पड़ोसी मुल्कों को धमकाता है, आज मिलकर टीवी चैनल शुरू करने की योजना बना रहे हैं। वे दावा कर रहे हैं कि इससे इस्लाम से जुड़ी भ्रांतियां दूर होगी।
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यरुशलम पोस्ट ने लिखा कि ये लोग इस्लामोफोबिया के खिलाफ संघर्ष का दावा भी कर रहे हैं। पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों को खत्म करने के लिए किया जा रहा है। मलेशिया के पीएम महातिर खुद को यहूदी-विरोधी कहते हैं। इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताते हैं। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन ने अपने विरोधियों को खत्म कर दिया है।
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अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद और तुर्की के राष्ट्रपति रजप तैयप एर्दोगेन से मुलाकात की थी। इमरान ने इस दौरान कहा था कि उन्हें मिलकर बीबीसी जैसा चैनल शुरू करना चाहिए। इससे इस्लामोफोबिया दूर होगा।
मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर ने भी इस्लाम से जुड़ी भ्रांतियां दूर करने पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि इस्लाम और मुसलमानों के बारे में कई खबरें गलत हैं। इस्लाम जो संदेश देता है, उसकी सही तस्वीर पेश नहीं की जा रही है।