West Bank Row: इस्राइल ने वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार का किया एलान, मानवाधिकार संगठनों ने जताया ऐतराज
West Bank Row: इस्राइल की तरफ से वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार का एलान किया गया है। वहीं इस्राइल के इस फैसले पर तमाम मानवाधिकार संगठनों ने ऐतराज जताया है और इसे स्वतंत्र फलस्तीनी राज्य के गठन में बाधा करार दिया है।
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अब मान्यता देने लायक कुछ नहीं बचा- स्मोतरीच
यह एलान ऐसे समय हुआ है जब ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा जैसे देश सितंबर में फलस्तीन को राज्य का दर्जा देने की योजना बना रहे हैं। स्मोतरीच ने कहा, 'यह हकीकत फलस्तीन राज्य के विचार को दफना देती है, क्योंकि अब मान्यता देने लायक कुछ नहीं बचा।' विवादित इलाका 'ई1' यरूशलम के पूर्व में मौजूद है और पिछले 20 साल से इस पर विचार हो रहा था, लेकिन अमेरिकी दबाव के कारण निर्माण रुका हुआ था। इस योजना को 20 अगस्त को अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है और एक साल के भीतर घर बनना शुरू हो सकते हैं।
ये विस्तारवादी और नस्लभेदी कदम- अहमद अल दीक
इस पर फलस्तीनी विदेश मंत्रालय के राजनीतिक सलाहकार अहमद अल दीक ने इसे 'औपनिवेशिक, विस्तारवादी और नस्लभेदी कदम' बताया। वहीं, 'पीस नाउ' नाम के समूह ने चेतावनी दी कि यह फैसला दो-राज्य समाधान की संभावना खत्म कर देगा और आने वाले वर्षों तक हिंसा जारी रहेगी। इस बीच, वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों पर हमले, जबरन बेदखली और आवाजाही पर पाबंदियां बढ़ रही हैं, जबकि युद्ध के दौरान कुछ फलस्तीनियों ने भी इस्राइलियों पर हमले किए हैं।
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वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलम में रहते हैं सात लाख इस्राइली
वर्तमान में सात लाख से अधिक इस्राइली वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलम में रह रहे हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय समुदाय अवैध बस्तियां मानता है। इस्राइल का कहना है कि वेस्ट बैंक विवादित क्षेत्र है और इसका भविष्य बातचीत से तय होना चाहिए। बता दें कि 1967 के युद्ध में इस्राइल ने वेस्ट बैंक, पूर्वी यरूशलम और गाजा पर कब्जा किया था। फलस्तीनी इन्हें अपने भावी स्वतंत्र देश का हिस्सा मानते हैं।