{"_id":"5f0038b08ebc3e42e673211b","slug":"iran-starts-nuclear-settlement-dispute-resolution-process-says-in-a-letter-written-to-european-union","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईरान ने शुरू की परमाणु समझौता विवाद निवारण प्रक्रिया, यूरोपीय संघ को लिखा पत्र","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
ईरान ने शुरू की परमाणु समझौता विवाद निवारण प्रक्रिया, यूरोपीय संघ को लिखा पत्र
Sat, 04 Jul 2020 01:37 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स
Published by: आसिम खान
Updated Sat, 04 Jul 2020 01:37 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूरोपीय संघ के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा कि उन्हें ईरान से एक पत्र प्राप्त हुआ है जिससे उस अंतरराष्ट्रीय समझौते में विवाद निवारण प्रक्रिया शुरू हो गई है जो तेहरान की परमाणु महत्वकांक्षाओं को सीमित करने से संबंधित है। पत्र में चिंता जताई गई है कि ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी अपनी ओर से इस समझौते को नहीं निभा रहे हैं।
विज्ञापन
इस समझौते पर ईरान ने अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, चीन और रूस के साथ 2015 में हस्ताक्षर किए थे लेकिन 2018 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे अपने हाथ खींच लिए और उसके बाद से यह समझौता खात्मे की तरफ ही जा रहा है।
विज्ञापन
संयुक्त समग्र कार्रवाई योजना (जेसीपीओए) नाम के इस समझौते के समन्वयक और यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने पत्र में समझौते के पैराग्राफ 36 में अंकित विवाद निवारण प्रणाली के तहत उपायों की मांग की है। विवाद निवारण प्रणाली करीब एक महीने की अवधि के लिए होती है जो किसी समझौते को सुलझाने वाले सभी पक्षों के सहमत होने पर लंबी हो सकती है।
विज्ञापन
जरीफ ने 19 जून को ट्वीट किया था कि तीन देशों को अपना चेहरा बचाने की जद्दोजहद छोड़कर सार्वजनिक रूप से उस बात को कहने का साहस दिखाना चाहिए जो वे निजी रूप से स्वीकार करते हैं कि ‘जेसीपीओए के तहत उनके खुद के कर्तव्य नहीं निभा पाने की वजह अमेरिकी धौंस का विरोध करने की क्षमता नहीं होना है।’
जरीफ के बोरेल को लिखे पत्र से एक दिन पहले ही नतांज के भूमिगत संयंत्र में रहस्यमयी तरीके से आग लग गई थी जहां ईरान यूरेनियम का संवर्द्धन करता है।